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भारत और चीन में बनी बात, 6 जून को हुई वार्ता पर बढ़ेंगे आगे

Thu, 18 Jun 2020 06:09 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
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विदेश मंत्री जयशंकर ने बुधवार को चीनी विदेशमंत्री वांग से हिंसक झड़प के लिए बेहद कड़े शब्दों में विरोध दर्ज कराया। वांग की ओर से आए फोन पर बातचीत में दोनों पक्ष तनाव कम करने, मौजूदा हालात से निपटने और हालात नियंत्रित करने पर सहमत हुए। दोनों देश इस बात पर राजी हुए कि 6 जून को हुई सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता में बनी सहमति के आधार पर आगे बढ़ेंगे। इस बैठक में तय हुआ था कि दोनों सेनाएं पीछे हटेंगी। यह भी तय हुआ कि दोनों सेनाएं एलएसी का सम्मान करेंगी और इसे बदलने की कोई कोशिश नहीं करेंगी।
  • अब सुधार की दिशा में कदम उठाए चीन
भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि समय की मांग यही है कि चीन सुधार की दिशा में कदम उठाए। उन्होंने कहा कि छह जून को सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर माहौल सामान्य बनाने पर सहमति के बाद स्थिति सामान्य होने की दिशा में प्रगति हो रही थी।
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चीन ने भारतीय सीमा के भीतर निर्माण करने की कोशिश की। जब यह विवाद की वजह बन गया तो चीन की सेना ने सोची-समझी रणनीति के तहत कार्रवाई की। इसके चलते हिंसा हुई।
  • तीनों सेनाएं अलर्ट  
 चीन सीमा पर सेना, वायुसेना के अग्रिम बेसों और नौसेना को अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तीनों सेनाओं को हथियारों की खरीद करने की छूट भी दी गई है।  सूत्रों के मुताबिक, सेना ने अपने जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।  नौसेना को मलक्का स्ट्रेट के पास या फिर हिंद महासागर क्षेत्र में कहीं भी तैनाती को लेकर आगे बढ़ने के निर्देश दिए गए हैं।
  • मिली छूटः कमांडर खुद ले सकेंगे फैसला
सेना ने लद्दाख में एलएसी पर तैनात सुरक्षाबलों को आपातकालीन शक्तियां दे दी हैं। अब जमीनी स्तर पर तैनात सैन्य कमांडर स्थिति के अनुसार खुद फैसला ले सकेंगे। सीडीएस जनरल बिपिन रावत की सेना प्रमुखों के साथ बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। 
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एलएसी पर बने ताजा हालात पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि19 जून शाम 5 बजे होने वाली इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के अध्यक्ष शामिल होंगे।
  • गलवां घाटी पर चीन का दावा बेतुका
चीनी द्वारा गलवां घाटी को अपना क्षेत्र बताने के दावे को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। देर रात विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि चीन का दावा बेतुका और अतिशयोक्तिपूर्ण है। यह दोनाें देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बनी सहमति के विपरीत भी है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गलवां घाटी पर अपना अधिकार बताया था। 
  • चीनी कमांडिंग अफसर समेत कई सैनिक मारे गए
संघर्ष में चीनी सेना के कमांडिंग अफसर सहित कई सैनिक मारे गए हैं। एक एजेंसी के मुताबिक, चीन के 40 से ज्यादा सैनिक हताहत हुए हैं। वहीं, अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक यह संख्या 35 है। चीन ने इस पर चुप्पी साध रखी है।
  • चीनी कंपनियों से छिना बीएसएनएल नेटवर्क का काम
 केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीएसएनएल व एमटीएनएल नेटवर्क को 4जी करने के काम से चीनी कंपनियों को बाहर कर दिया है। संचार मंत्रालय के टेलीकॉम विभाग ने बुधवार को दोनों कंपनियों को आदेश दिया है कि वे चीनी उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करेंगी। विभाग जल्द ही निजी कंपनियों को भी ऐसे ही निर्देश देने की तैयारी में है।
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