फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति की चाय पाकिस्तान का स्वाद बिगाडे़गी?

Sat, 28 Apr 2018 03:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय चीन दौरा पूरा हो चुका है और वह विमान में बैठकर भारत के लिए रवाना हो गए हैं। चीन के वुहान शहर में यात्रा के दौरान पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। 

विज्ञापन


दोनों नेताओं ने ईस्ट लेक में साथ में वॉक की और नौका विहार भी किया। भारत लौटने से पहले पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा कि भारत-चीन सहयोग के कई पहलुओं पर जिनपिंग से बात हुई है, हमने कृषि, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र पर भी बात की है।

पीएम के चीन दौरे की खासियत यह रही कि 72 दिनों तक चले दोकलम विवाद के बाद दोनों नेता पहली बार मिले। हालांकि यह मुलाकात अनौपचारिक थी और इस दौरान किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हुए और न ही कोई साझा बयान जारी किया गया। 
विज्ञापन


इस मुलाकात का सबसे दिलचस्प वाकया यह रहा कि पीएम मोदी और जिनपिंग ने झील के किनारे बैठकर एकसाथ चाय का लुफ्त उठाया। ये झील के किनारे कूटनीति का अनोखा प्रदर्शन था। इसके बाद दोनों ने साथ में लंच भी किया।

ऐसा पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी किसी दूसरे देश के प्रतिनिधि से नदी किनारे मिले हों। इससे पहले भी पीएम मोदी इस तरह की वार्ता करते रहे हैं। इसी साल पीएम मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ वाराणसी में गंगा नदी में बोटिंग की थी। 

वहीं 2015 में पीएम मोदी ने फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति ओलांद के साथ सीन नदी पर नौका विहार किया था। 2014 में भी अहमदाबाद में साबरमती नदी के किनारे पीएम मोदी ने जिनपिंग से बातचीत की थी। 

मोदी-जिनपिंग की मुलाकात पर विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान

मोदी-जिनपिंग की मुलाकात पर MEA ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महत्व के द्विपक्षीय संबंधों पर कोई समझौता नहीं हुआ है, बस चर्चा हुई है। दोनों नेताओं ने आतंकवाद की आलोचना की है। दोनों ही देश पीपल-टू-पीपल संबंधों को मजबूत बनाने की कोशिश करेंगे।

MEA ने कहा कि भारत और चीन एक-दूसरे को फिल्में भी दिखाएंगे। भारत और चीन शांतिपूर्ण रिश्तों पर जोर देंगे। सीमा पर शांति के लिए दोनों ही देश प्रतिबद्ध हैं। दोनों देशों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई है। दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई बातचीत से रिश्तों में मजबूती आएगी। आपको बता दें कि भारत और चीन अफगानिस्तान में ज्वाइंट इकोनॉमिक प्रोजेक्ट वेंचर पर भी काम करेंगे। 
विज्ञापन

  

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें