India-China: चीनी विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि भारत और चीन की सेनाओं ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर शांति और सुरक्षा बनाए रखने पर उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता की। दोनों पक्षों ने कोर कमांडर स्तर की 23वीं वार्ता में सीमा प्रबंधन पर गहन चर्चा की और संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।
पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध पर भारत और चीन की सेना के कोर कमांडरों के बीच 23वीं बैठक हुई। इसमें दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति बनाए रखने पर अहम सहमित बनी। बीते शनिवार को हुई इस बैठक में दोनों पक्ष राजनीतिक व कूटनीतिक स्तर पर बनी सहमतियों को धरातल पर अमलीजामा पहनाने पर सहमत हुए हैं।
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विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि चुशूल-मोल्दो सीमा बैठक बिंदु पर 23वीं कोर कमांडर स्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सकारात्मक व सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। दोनों पक्षों ने अक्तूबर 2024 में 22वीं बैठक के बाद हुई प्रगति पर चर्चा की। साथ ही यह माना कि सीमा क्षेत्र में शांति व सौहार्द बरकरार है। दोनों पक्ष सीमा पर किसी भी जमीनी मुद्दे के समाधान के लिए मौजूदा तंत्र का इस्तेमाल करने पर सहमत हुए।
कमांडर स्तर की बैठक पर जारी किया बयान
इधर, चीन के रक्षा मंत्रालय ने भी कमांडर स्तर की बैठक पर एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि दोनों पक्षों ने सीमा के पश्चिमी हिस्से के प्रबंधन पर सक्रिय और गहन संवाद किया। दोनों पक्ष अपने नेताओं के बीच बनी सहमति के आलोक में सैन्य व राजनयिक माध्यमों से वार्ता जारी रखने पर सहमत हुए। साथ ही भारत-चीन सीमा क्षेत्र में संयुक्त रूप से शांति व स्थिरता कायम रखने पर भी दोनों पक्ष सहमत हुए।
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इस साल अगस्त में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की 24वें दौर की वार्ता भी दिल्ली में हुई थी। इस वार्ता में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन की ओर से विदेश मंत्री वांग यी शामिल हुए थे। इस बैठक में दोनों पक्षों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति व स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया था। साथ ही दोनों पक्षों ने सीमा पर टकराव वाले स्थानों से पीछे हटने और वहां दोबारा गश्त शुरू करने के उपायों पर चर्चा की थी। आने वाले दिनों में पूर्वी लद्दाख में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए दोनों पक्षों में राजनयिक व सैन्य संवाद जारी रहने की संभावना है।