पूर्वी लद्दाख में भारत और चीनी सेना के बीच झड़प में भारतीय सेना के तीन जवान शहीद हो गए हैं, वहीं चीन के 5 जवानों के मारे जाने की खबर है और 11 घायल हुए हैं। यह झड़प सोमवार रात को पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया के दौरान हुई।
भारत चीन सीमा पर 50 साल में इस तरह की यह पहली झड़प है। भारत और चीन के बीच सीमा पर आखिरी बार 70 के दशक में गोली चली थी। लगभग 50 साल बाद यह सिलसिला टूटा है। गलवां घाटी उन क्षेत्रों में से एक है जहां चीनी सेना ने घुसपैठ की थी।
सीमा पर इस झड़प के बाद सोशल मीडिया पर चीन के खिलाफ लोगों को गुस्सा फुट पड़ा है। कई लोगों ने चीन पर भी पाकिस्तान की तरह सर्जिकल स्ट्राइक की बात कही है और कईयों ने कहा कि चीन को सबक सिखाने का अब वक्त आ गया है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिमस मार्कंडेय काटजू ने ट्वीट करके कहा है 'चीन ने हमारे घर में घुस के हमें मारा है, हरि ॐ।' उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा है कि भारत सरकार को भारत से सभी चीनी कंपनियों को निष्कासित करना चाहिए और चीनी वस्तुओं के भारतीय बाजार में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
वहीं यूथ कांग्रेस ने ट्वीट करके कहा है, 'उनकी हिम्मत कैसे हुई? कहां हैं प्रधानमंत्री जो भारत की रक्षा करने के लिए 56 इंच की छाती पीटते हैं?
हमें पीड़ा होती है और हम क्रोधित होते हैं। हमारे देश के खिलाफ युद्ध के इस कृत्य को माफ नहीं किया जाएगा। #GalwanValley