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India-China Clash: सीमा पर इन सात प्वाइंट्स को लेकर कांग्रेस ने पूछे सवाल, कब तक यहां से बाहर निकलेगा 'ड्रैगन'

Thu, 12 Jan 2023 06:11 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

India-China Clash: कांग्रेस नेता ने कहा, पीएम मोदी ने 2014 के बाद से लेकर अभी तक 18 बार चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात की है। सैन्य स्तर की वार्ता के 17 दौर पूरे हो चुके हैं। चीनी आयात में 45 फीसदी की वृद्धि हुई है। चीन ने पीएम केयर फंड में दान दिया है। 3560 भारतीय कंपनियों में चीनी निदेशक हैं...
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India-China Clash - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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भारत-चीन सीमा पर ड्रैगन की घुसपैठ को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सवाल उठा दिया है। पार्टी नेता पवन खेड़ा ने गुरुवार को केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे हैं। उन्होंने बॉर्डर के कई हिस्सों को लेकर छपी मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए खेड़ा ने पूछा, चीन राकी नाला के साथ डेपसांग प्लेन के पेट्रोलिंग पॉइंट्स- PP10, PP11, PP11A, PP12 और PP13 में Y जंक्शन तक, इन पांच पॉइंट्स के लिए भारत की पहुंच को अवरुद्ध करना जारी रखे हुए है। भारत के गश्ती दल वर्तमान में डेमचोक नाला (चारडिंगला नाला) तक पहुंचने से वंचित हैं। मीडिया रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा पोस्ट में पेट्रोलिंग पॉइंट 15 और पेट्रोलिंग पॉइंट-17A पर, चीनी पीएलए 'भारतीय क्षेत्र के बहुत अंदर' तक जमी है।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी का भारत दौरा

पवन खेड़ा ने एक प्रेसवार्ता में कहा, गत वर्ष जनवरी में पूर्वी लद्दाख में एलएसी से लगभग 40 किलोमीटर दूर चीन द्वारा पैंगोंग लेक पर एक पुल के निर्माण की उपग्रह छवियां सामने आईं थीं। उसके बाद अरुणाचल प्रदेश के लुंग्टा जोर क्षेत्र में, पीएलए ने 18 जनवरी को भारतीय क्षेत्र के अंदर से 17 वर्षीय भारतीय, मिराम तरोन का अपहरण कर लिया। 26 जनवरी को पीएलए द्वारा युवा लड़के को भारतीय सेना को सौंप दिया गया। भाजपा सांसद, तपीर गाओ ने ट्वीट किया, चीन ने 2018 में भारत के अंदर 3-4 किलोमीटर क्षेत्र में सड़क बनाई है। मार्च में चीनी विदेश मंत्री वांग यी भारत के दौरे पर आए, लेकिन मोदी सरकार पीछे हटने के भारत के तर्क को रेखांकित करने में विफल रही।

पैंगोंग झील पर बनाया दूसरा बड़ा पुल

अप्रैल में, भारत-चीन व्यापार डाटा ने दिखाया कि चीन से भारतीय आयात 2021-22 में रिकॉर्ड 95 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। इसमें भारत के पक्ष को देखें तो वह 73 बिलियन अमेरिकी डॉलर का रिकॉर्ड घाटा था। यहां तक कि चीन, भारत को 2,000 वर्ग किलोमीटर तक गश्त करने के अधिकार से वंचित करता रहा। चीन ने पैंगोंग झील पर दूसरा बड़ा पुल बनाया। मीडिया रिपोर्टों से पता चलता है कि इस पुल से बख्तरबंद साजोसामान को ले जाया जा सकता है। डोकलाम के 9 किमी पूर्व में निर्मित एक चीनी गांव, जहां 2017 में भारतीय और चीनी सेना का आमना-सामना हुआ था, अब वहां एक आबाद गांव है। चीन द्वारा 110 वर्ग किमी क्षेत्र के इस सलामी टुकड़े का जवाब मोदी सरकार के पास नहीं है। पवन खेड़ा ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया कि भारतीय गश्ती दल को 1,000 वर्ग किमी से लेकर 2,000 वर्ग किमी तक के क्षेत्र से वंचित किया गया है।

बफर जोन बनाने के नाम पर खो रहे अपनी जमीन

नवंबर 2022 में कोंचोक स्टैनजिन, तत्कालीन भाजपा शासित लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के स्वतंत्र सदस्य ने कहा, बफर जोन के निर्माण ने स्थानीय लोगों की अपने पशुओं के लिए चरागाह भूमि तक पहुंच को अवरुद्ध कर दिया है। यह चौंकाने वाला तथ्य है कि बफर जोन बनाने के नाम पर हम अपनी जमीन खो रहे हैं। दिसंबर में चीन ने तवांग सेक्टर के यांग्स्ते क्षेत्र में घुसपैठ का प्रयास किया। 17,000 फीट की चोटी पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया गया। भारतीय सशस्त्र बलों ने 300 से अधिक चीनी सैनिकों को सफलतापूर्वक खदेड़ दिया। पवन खेड़ा ने कहा, गलवां घाटी में 20 भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान और भारत द्वारा पूर्वी लद्दाख में अपना क्षेत्र खोने के बावजूद, पीएम मोदी ने चीन को यह कह कह क्लीन चिट दे दी कि 'कोई भी हमारे क्षेत्र में नहीं आया'।

कांग्रेस ने मांगा इन तीन सवालों का जवाब

कांग्रेस नेता ने कहा, पीएम मोदी ने 2014 के बाद से लेकर अभी तक 18 बार चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात की है। दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर की वार्ता के 17 दौर पूरे हो चुके हैं। गलवां की घटना के बाद से चीनी आयात में 45 फीसदी की वृद्धि हुई है। चीन ने पीएम केयर फंड में दान दिया है। 3560 भारतीय कंपनियों में चीनी निदेशक हैं। उन्होंने केंद्र से सवाल पूछा है कि डेपसांग प्लेन के पेट्रोलिंग पॉइंट्स- PP10, PP11, PP11A, PP12 और PP13 में Y जंक्शन तक, चीन ने इन पांच पॉइंट्स के लिए भारत की पहुंच को क्यों अवरुद्ध किया है। सरकार, वहां पर पहले की स्थिति को क्यों बरकरार नहीं रख सकी। हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा पोस्ट में पेट्रोलिंग प्वाइंट 15 और पेट्रोलिंग प्वाइंट-17A पर चीन का कब्जा क्यों बरकरार है। डोकलाम में 'जम्फेरी रिज' तक चीनी बिल्ड-अप, यानी भारत के इस रणनीतिक 'सिलीगुड़ी कॉरिडोर' जो पूर्वोत्तर राज्यों का प्रवेश द्वार है, उसे खतरे में क्यों डाला जा रहा है।

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