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India China News Live Updates: गम और गुस्से के बीच शहीद जवानों को विदाई, अंतिम दर्शन को लोगों की भारी भीड़

Thu, 18 Jun 2020 02:05 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

खास बातें

  • चीन के साथ गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई
  • जवानों के अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक निवास पर भारी भीड़ जुटी
  • देशभर में चीन को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं, लोग चीनी सामान का बहिष्कार कर रहे हैं
  • सरकार ने चीन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए तीनों सेनाओं को हथियारों की खरीद के लिए छूट दे दी है
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लाइव अपडेट

01:17 PM, 18-Jun-2020

शहीद की बेटी ने कहा, भारत सरकार चीन से बदला लें

भारत-चीन के बीच हुई झड़प में जान गंवाने वाले शहीद नायब सूबेदार नुदूराम सोरेन की बेटी ने कहा है कि मैं पापा पर बहुत गर्व करती हूं वो देश के लिए शहीद हुए हैं। मैं भारत सरकार से बस ये ही निवेदन करती हूं कि वो चीन से अपना बदला लें। बता दें कि शहीद नुदूराम ओडिशा के मयूरभंज जिले के रहने वाले थे।
 
 

11:49 AM, 18-Jun-2020

शहीद नायब सुबेदार सतनाम सिंह के नाम पर गुरदासपुर में बनेगा एक गेट

गुरदासपुर के उपायुक्त मोहम्मद इश्फाक ने भारतीय सेना के शहीद नायब सूबेदार सतनाम सिंह के परिवार से मुलाकात की। गलवां घाटी में चीनी सैनिकों से लड़ते हुए सतनाम सिंह शहीद हो गए। डीसी गुरदासपुर ने कहा है कि यहां उनके नाम पर एक गेट का निर्माण किया जाएगा।
 
 

11:30 AM, 18-Jun-2020

राहुल ने कहा- बिना हथियारों के जवानों को निहत्थे क्यों भेजा गया

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने को लेकर गुरुवार को फिर से सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि हमारे सैनिकों को शहीद होने के लिए निहत्थे क्यों भेजा गया। 

उन्होंने एक पूर्व सैन्य अधिकारी के साक्षात्कार का उल्लेख करते हुए ट्वीट किया, 'चीन की हिम्मत कैसे हुई उसने हमारे निहत्थे सैनिकों की हत्या की? हमारे सैनिकों को शहीद होने के लिए निहत्थे क्यों भेजा गया?' 

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10:38 AM, 18-Jun-2020

शहीद सुनील कुमार की अंतिम यात्रा में शामिल होने बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

शहीद हवलदार सुनील कुमार की बिहार के मनेर में अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में सुनील कुमार शहीद हो गए थे। 
 
 

10:25 AM, 18-Jun-2020

शहीद नायब सुबेदार मनदीप सिंह के रिश्तेदारों ने कहा, हमें उनपर गर्व हैं

लद्दाख की गलवां घाटी में शहीद हुए नायब सुबेदार मनदीप सिंह के पटियाला स्थित घर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उनके रिश्तेदार और दोस्त जमा हुए हैं। रिश्तेदारों ने कहा कि सिंह एक बहादुर सैनिक थे, जिन्होंने गलवां घाटी में देश की सुरक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई। इस नुकसान की भरपाई कभी नहीं की जा सकती है। हमें उनपर गर्व हैं। 
 
 

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09:31 AM, 18-Jun-2020

शहीद संतोष बाबू को दिया गया गॉर्ड ऑफ ऑनर

तेलंगाना के सूर्यापेट में शहीद कर्नल संतोष बाबू को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए भारी संख्या में जमा हुए। 
 
 

09:14 AM, 18-Jun-2020

शहीद सुनील कुमार का पार्थिव शरीर अंतिम यात्रा के लिए रवाना हुआ

शहीद हवलदार सुनील कुमार का पार्थिव शरीर अंतिम यात्रा के लिए रवाना हुआ। सड़कों के दोनों तरफ भारी भीड़ दिखाई दी। 
 

 

09:11 AM, 18-Jun-2020

शहीद सतनाम सिंह के घर पर इकट्ठा हुए दोस्त और रिश्तेदार

पंजाब के गुरदासपुर स्थित शहीद नायब सुबेदार सतनाम सिंह के घर पर उनके परिवार और दोस्त उन्हें याद करने के लिए इकट्ठा हुए। शहीद सतनाम सिंह लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद हुए थे। 
 
 

08:58 AM, 18-Jun-2020

शहीद कर्नल संतोष बाबू को अंतिम विदाई देने के लिए जुटी भारी भीड़

तेलंगाना में शहीद कर्नल संतोष बाबू के सूर्यापेट निवास पर बड़ी संख्या में लोग उन्हें आखिरी विदाई देने के लिए जमा हुए। कर्नल संतोष बाबू 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे। गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में वह शहीद हो गए। 
 

 

08:19 AM, 18-Jun-2020

शहीद सुनील कुमार के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया

शहीद सुनील कुमार के पार्थिव शरीर को बिहटा में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने चीन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने चीन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। 
 

 

08:15 AM, 18-Jun-2020

शहीद हवलदार सुनील कुमार का पार्थिव शरीर पहुंचा घर

लद्दाख की गलवां घाटी में शहीद हुए हवलदार सुनील कुमार का पार्थिव शरीर बिहार की राजधानी पटना स्थित उनके घर पहुंच गया। शहीद को आखिरी विदाई देने के लिए लोगों की भारी भीड़ उनके घर के बाहर इकट्ठा हो गई है। 
 
 

07:57 AM, 18-Jun-2020

मुस्तैदी जरूरी, चीन की छुरा घोंपने की आदत

ड्रैगन से बढ़े विवाद पर रिटायर्ड ले.ज. विनोद भाटिया ने कहा कि चीन के इतिहास को देखते हुए बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। शीर्ष स्तर पर कूटनीतिक पहल होनी चाहिए। ऐसे समय में एलएसी पर खास मुस्तैदी जरूरी है, क्योंकि चीन का इतिहास शांतिपूर्ण समाधान की दलील के बीच पीठ में छुरा घोंपने की रही है।

उन्होंने कहा कि गलवां घाटी में खूनी झड़प के बाद देश को अपनी सेना पर भरोसा रखने की जरूरत है। देश को विश्वास होना चाहिए कि हमारी सेना किसी भी स्थिति का सामना करने में सक्षम है। जहां तक सरकार पर चुप्पी की बात है तो मैं इससे इत्तेफाक नहीं रखता। मामला बेहद संवदेनशील है।
 

07:57 AM, 18-Jun-2020

एलएसी पर प्रोटोकॉल बहाली के बाद हो बात

रिटायर्ड ले.जनरल दीपेंद्र हुड्डा ने चीन के साथ विवाद पर कहा कि सबसे पहले एलएसी पर तनाव कम करने और इसके बाद शीर्ष कूटनीतिक पहल के जरिए समाधान की पहल होनी चाहिए। दोनों देश पहले एलएसी पर पुराने प्रोटोकॉल पर सहमत होंगे, फिर विवाद के निपटारे के लिए शीर्ष स्तर बातचीत शुरू हो। लेकिन चीन के इतिहास को देखते हुए सेना को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि गलवां में हुए खूनी झड़प का सेना के मनोबल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि यह आमने सामने का युद्ध नहीं बल्कि चीनी सेना का घात लगा कर किया गया हमला है। युद्ध में बुरी हार से मनोबल गिरता है। मेरी समझ में दो महीने से एलएसी पर तनाव के बावजूद सरकार की चुप्पी अनुचित है। 

07:46 AM, 18-Jun-2020

गम और गुस्से के बीच शहीद जवानों को विदाई, अंतिम दर्शन को लोगों की भारी भीड़

सख्त संदेश दिए बिना नहीं बनेगी बात 
चीन के बढ़ते तनाव पर रिटायर्ड जनरल बिक्रम सिंह ने कहा कि चीन को कड़ा संदेश दिए बिना बात नहीं बनेगी। उसे सख्त संदेश जाना चाहिए कि भारत रत्तीभर भी उसके दबाव में नहीं आएगा। चीन ने जिस प्रकार वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की दूसरी तरफ सैन्य जमावड़ा बढ़ाया है, उससे हमें सतर्क रहने की जरूरत है।




उन्होंने कहा कि वह भविष्य में एलएसी पर तनाव कायम रखने के लिए कई नए तरीके अपना सकता है। जहां तक हिंसक झड़प के बाद सेना के मनोबल पर असर पड़ने की बात है, तो इसकी रत्तीभर भी संभावना नहीं है। जहां तक तनाव पर सरकार की चुप्पी का सवाल है, तो मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा। 

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