चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
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भारत और चीन के बीच मई की शुरुआत से गतिरोध जारी है। इसी बीच सोमवार की रात को चीन की सेना ने भारतीय सेना को उकसाने के लिए न केवल गोलीबारी की बल्कि यथास्थिति को भी बदलने की कोशिश की। अब इसपर चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है। जिसमें उसने भारतीय सेना पर पेट्रोलिंग कर रहे चीन के सैनिकों पर फायरिंग करने का आरोप लगाया है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने झूठे आरोप लगाते हुए कहा, 'सात सितंबर को भारतीय सैनिकों ने अवैध रूप से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को पार किया और पेंगोंग त्सो के दक्षिण तट में प्रवेश किया। भारतीय सैनिकों ने परामर्श के लिए हमारी सीमा पर गश्त कर रहे सैनिकों पर वार्निंग शाट्स दागे। हमारे सैनिकों को स्थिति को स्थिर करने के लिए उपाय अपनाने को मजबूर होना पड़ा।'
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चालबाज चीन ने भारत पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। मंत्रालय ने कहा, 'भारत के व्यवहार ने समझौतों का उल्लंघन किया। यह गंभीर रूप से सैन्य उकसावे की कार्रवाई है। हमने राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से अभ्यावेदन किया है और उन्हें खतरनाक कदमों को तुरंत रोकने, सीमा पार करने वाले सैनिकों को हटाने और अग्रिम पंक्ति के जवानों को अनुशासित करने के लिए कहा है।'
वहीं चीन के इस झूठ का भारतीय सेना ने बयान जारी कर पर्दाफाश किया है। सोमवार को हुई घटना पर सेना ने मंगलवार को बयान जारी करते हुए कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) आगे बढ़ने के लिए उकसावे वाली गतिविधियां कर रही है। सेना ने दो टूक कहा कि वे क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहते हैं। हालांकि हम हर कीमत पर राष्ट्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए भी दृढ़ हैं।
बता दें कि चीन ने बीती रात वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की। जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। हालांकि इस गोलीबारी में किसी को निशाना नहीं बनाया गया। इसके बाद चीन के जवान पीछे हटे। हालांकि कुछ देर बाद ही सीमा पर हालातों को नियंत्रित कर लिया गया था।