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India China Dispute: भारत की चीन को दो टूक, दोनों सेनाओं के एक साथ पीछे हटने पर ही होगी बातचीत

Tue, 13 Oct 2020 02:56 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, नई दिल्ली
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भारत और चीन के बीच सातवें दौर की वार्ता हुई (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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भारत ने चीन को साफ तौर पर बता दिया है कि वार्ता पूरे पूर्वी लद्दाख से दोनों सेनाओं के एक साथ पीछे हटने पर ही होगी, ना कि टुकड़ों में चुनिंदा जगहें खाली करने पर। सोमवार को चुशूल में भारत और चीन के कोर कमांडरों की आठवें दौर की बातचीत में चीन ने एक बार फिर भारतीय सेना के पैंगोंग के दक्षिणी इलाकों से पूरी तरह चले जाने का मुद्दा उठा दिया। इस इलाके में भारतीय सेना की तैनाती सेपंगुर झील समेत चार जगहों पर काफी मजबूत स्थिति में है। सामरिक और जंगी दांवपेंच से मद्देजनर चीन इस हालात से काफी परेशान है। मौजूदा परिदृष्य में बातचीत में भारत का पलड़ा भारी माना जा रहा है।

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देर शाम तक इस बातचीत का औपचारिक ब्यौरा नहीं जारी किया जा सका। मामले से जुड़े उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि सातवें दौर की बातचीत के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री वाली चाइना स्टडी ग्रुप की बैठक में भारत ने नए सिरे से यह नया एजेंडा तय किया कि सिर्फ  सैन्य स्तर पर ही नहीं बल्कि कूटनीतिक और अन्य स्तरों की बातचीत में भी भारत पूरे पूर्वी लद्दाख से एक साथ पीछे हटने पर ही बातचीत करेगा। इतना हीं नहीं प्रक्रिया के दौरान चीन को इस मुद्दे  पर अपनी इमानदार मंशा साबित करनी होगी।  

सूत्रों के मुताबिक अभी बातचीत का दौर चलता रहेगा। हालांकि दोनों पक्षों ने बातचीत के जरिए रास्तान निकालने की प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई। सातवें दौर की बातचीत में दोनों पक्षों ने साझा बयान जारी कर कहा था कि बातचीत की चल रही प्रक्रिया के दौरान वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों सेनाएं अपनी तैनाती नहीं बढाएंगी। सोमवार को यह एक बार फिर बाचीत का विषय था।  
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इस बातचीत में चीन के विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने भी पहली बार हिस्सा लिया। पिछली बातचीत में भारत की तरफ के 14वीं कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल के साथ विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) नवीन श्रीवास्तव ने पहली बार हिस्सा लिया था। लेफ्टिनेंट जनरल हरेंदर सिंह ने आखिरी बार इस अहम बातचीत में हिस्सा लिया। अगली बार से 14वीं कोर के नए कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पी जी के मेनन बातचीत की अगुवाई करेंगे। कोर में एक साल की मियाद पूरी कर चुके हरेंदर सिंह इंडियन मिलिट्री अकादमी के प्रमुख बनकर जा रहे हैं।  

सीएसजी में हुई थी चर्चा
बता दें कि इससे पहले चीन अध्ययन समूह (सीएसजी) के शीर्ष मंत्रियों और सैन्य अधिकारियों ने पूर्वी लद्दाख में शुक्रवार को हालात की समीक्षा की थी और सोमवार को होने वाली वार्ता में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया था।

सीएसजी में विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के अलावा तीनों सेना प्रमुख शामिल हैं। भारत का मानना है कि टकराव वाले सभी बिंदुओं से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया एक साथ शुरू हो। एक सूत्र ने कहा, ‘भारत टकराव वाले सभी बिंदुओं से सैनिकों की पूरी तरह से वापसी पर जोर देगा।’ 

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