भारत-चीन के बीच होने वाली सैन्य वार्ता से एक दिन पहले पूर्वी लद्दाख में दोनों देशाें की सेनाओं ने कुछ जगहों पर ‘प्रतीकात्मक’ रूप से कदम पीछे खींचे हैं। तीन जगहों पर चीनी सेना पीछे हटी है और भारतीय सैनिक भी तीन जगह पीछे हटे हैं। दोनों देशों के बीच आज मेजर जनरल स्तर के अफसरों की वार्ता होनी है। सूत्रों के मुताबिक गलवां घाटी, पैंगोंग त्सो, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी इलाके में दोनों सेनाएं अब भी डटी हैं।
हालांकि, पैंगोंग त्सो और दौलत बेग ओल्डी इलाके में दोनों सेनाएं अब भी डटी हुई हैं। दोनों सेनाओं के बीच पैंगोंगे त्सो में ही हिंसक झड़प हुई थी, जो 2017 में दोकलम विवाद के बाद अब तक सबसे बड़ा सैन्य गतिरोध माना जाता है। इस महीने की शुरुआत में गतिरोध शुरू होने के बाद भारतीय सेना ने फैसला किया था विवादित इलाकों पैंगोंगे त्सो, गलवां वैली, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी इलाके में चीनी सेना के आक्रामक रवैये से निपटने के लिए मजबूत दृष्टिकोण अपनाएगी।
भारत और चीन के बीच 3488 किलोमीटर की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) है। भारत और चीन के सैनिकों के बीच पांच मई को पहली बार पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में हिंसक झड़प हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के सैनिक दो और बार भिड़े थे। इस विवाद को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लगातार बातचीत हो रही है।
छह जून को हुई सैन्य कमांडरों की वार्ता में भारत ने एलएसी पर पूर्व की स्थिति बहाल करने की मांग की थी। वहीं, सोमवार को चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों देशों के बीच विवाद बातचीत के जरिये हल हो जाएगा।