भारत एवं चीन आतंकवाद से निपटने और अन्य क्षेत्रों में अपने उच्च स्तरीय संपर्क की गति बरकार रखने पर सहमत हो गए हैं। इससे पहले दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच ‘मित्रतापूर्ण एवं खुला’ विचार विमर्श हुआ। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल एवं उनके चीनी समकक्ष यांग जिएची के बीच शुक्रवार को हैदराबाद में मित्रतापूर्ण खुले एवं सौहार्द भरे वातावरण में बातचीत संपन्न हुई। यांग की पिछले दो माह में भारत की यह तीसरी यात्रा है।
उसने कहा, ‘दोनों पक्षों ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा एवं आतंकवाद निरोध के क्षेत्रों में उच्च स्तरीय संपर्क की गति को बरकरार रखने पर सहमति जताई।’ मंत्रालय ने कहा, ‘आतंकवाद निरोधक मुद्दे पर होने वाली अगली उच्च स्तरीय बातचीत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच इस बड़ी चुनौती के बारे में दोनों देशों के विचारों में समरूपता का एक अन्य प्रकटीकरण है।’
हालांकि इस बात की आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की गई है कि क्या दोनों पक्षों ने चीन द्वारा भारत के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में प्रवेश को रोके जाने या जैश ए मोहम्मद के प्रमुख और पठानकोट आतंकी हमले के मुख्य षड्यंत्रकर्ता मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित करने के भारत के प्रयासों को रोके जाने जैसे विवादास्पद मुद्दों पर चर्चा की।