धर्मशाला पिछले दिनों से ही चर्चा में है। उइगर नेता ईसा डोल्कुन का वीजा रद्द होने के बाद इस क्रम में दो नाम और जुड़ गए हैं। अमेरिका से एयर इंडिया की फ्लाईट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पहुंची लू झिंगुआ को बताया गया कि उनका वीजा रद्द कर दिया गया है। इसी तरह से रे वांग को भी वीजा रद्द होने की जानकारी दे दी गई। ये दोनों धर्मशाला में आयोजित 28 अप्रैल से एक मई तक चलने वाले सम्मेलन में भाग लेने आ रहे थे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने लू और वांग के वीजा मामले में अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि वीजा देने-रद्द करने का काम गृह मंत्रालय का है। ईसा का वीजा उनके विरुद्ध रेड कार्नर नोटिस होने और उनके द्वारा सार्वजनिक तौर पर यह कहने के कारण हुआ कि वह धर्मशाला में सम्मेलन में हिस्सा लेने जा रहे हैं।
जबकि उनके पास इलेक्ट्रानिक ई-टूरिस्ट वीजा था और तकनीकी रूप से वह सम्मेलन में भाग नहीं ले सकते थे। विकास स्वरुप ने कहा कि भारत डेमोक्रेटिक सोसाइटी का सदस्य है और इंटरपोल का सम्मान करता है।
हालांकि इस मामले में सरकारी सूत्रों का कहना है कि लू झियांग और रे वांग ने वीजा के लिए आवेदन किया था लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उन्हें वीजा नहीं दिया गया। बताते हैं दस्तावेजों और उपलब्ध कराई गई जानकारी में असमानता के कारण ऐसा हुआ। जबकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लू झियांग को वीजा मिल गया था। उन्हें मेल से इसकी सूचना दे दी गई थी और एयरपोर्ट से उन्हें वापस लौटना पड़ा।