तेज विकास की बदौलत भारत इसी साल विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्था वाली सूची में ब्रिटेन को पछाड़कर पांचवें स्थान पर आ सकता है। वैश्विक कंसल्टेंसी फर्म प्राइसवाटरहाउस कूपर्स (पीडब्ल्यूसी) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत और ब्रिटेन की विकास दर में बड़ा अंतर है। वर्ष 2019 में ब्रिटेन की जीडीपी वृद्घि दर 1.6 फीसदी, फ्रांस की 1.7 फीसदी जबकि भारत की 7.6 फीसदी रहेगी। फर्म का कहना है कि अगर कोई बड़ा वैश्विक कारक या कच्चे तेल में बड़ा उछाल नहीं आता तो वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की विकास दर 7.6 फीसदी रहेगी।
रिपोर्ट में बताया गया कि विश्व बैंक की वर्ष 2017 की सूची के अनुसार, छठे नंबर पर काबिज भारत की जीडीपी 183.85 लाख करोड़ रुपये है जबकि पांचवें नंबर पर स्थित ब्रिटेन की जीडीपी उससे सिर्फ 2.17 लाख करोड़ रुपये अधिक है। फ्रांस जिसकी जीडीपी 183.18 लाख करोड़ रुपये है, उसे भारत ने 2017 में छठे से खिसकाकर सातवें स्थान पर कर दिया है।
वैसे तो फ्रांस और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था आगे-पीछे होती रहती है लेकिन वर्ष 2018 और फिर 2019 में ब्रिटेन में ब्रिग्जिट जैसी प्रक्रिया से आई उथल-पुथल की वजह से स्थिति फ्रांस के लिए ज्यादा बेहतर है। इतना ही नहीं पाउंड के मुकाबले यूरो में आई मजबूती से भी फ्रांस इस सूची में ब्रिटेन को पछाड़कर छठे स्थान पर आ सकता है और ब्रिटेन पांचवें से सीधे सातवें स्थान पर खिसक जाएगा।
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