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पाकिस्तान की ओर से आतंकी हमले की आशंका, चौकन्ना है भारत

Sun, 09 Oct 2016 11:21 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सेना के जवानों की फाइल फोटो - फोटो : Amar Ujala
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पाकिस्तान के एनएसए नसीर जंजुआ ने पिछले हफ्ते राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से दोनों देशों के बीच तनाव कम करने को लेकर बातचीत की थी, लेकिन भारत सरकार के शीर्ष अधिकारियों को अंदेशा है कि पाकिस्तान भारतीय सेना द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में की गई सर्जिकल स्ट्राइक का बदला जरूर लेगा। इसके लिए वह आने वाले हफ्तों में भारत में बड़ा आतंकी हमला कर सकता है। 
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अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक भारत की नजर फिलहाल दो बातों पर है। पहली यह कि पाकिस्तान उड़ी अटैक जैसा ही बड़ा हमला करता है या छोटे-छोटे हमलों की रणनीति को बनाए रखता है। जैसा कि हंदवाड़ा, बारामुला और जम्मू कश्मीर के अन्य इलाकों में उसने हाल फिलहाल किए हैं। 

दूसरा, भारत को यह देखना है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ नवंबर में रिटायर होते हैं या उनके कार्यकाल को बढ़ाया जाता है। भारत का मानना है कि अगर जनरल राहील शरीफ को रिटायर नहीं किया जाता है, तो इसका मतलब है कि पाकिस्तान, भारत के साथ लंबी लड़ाई की तैयारी में है। 
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पाक अधिकृत कश्मीर में 29 सितंबर को भारतीय सेना की ओर से की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक चीज साफ हो गई है भारत के लिए एलओसी पार करना कोई बड़ी बात नहीं है। स्ट्राइक का मकसद एलओसी के पार आतंकियों को पाकिस्तानी सेना की ओर से मिलने वाले कंफर्ट जोन को तोड़ना था। यह भारतीय सेना का तात्कालिक लक्ष्य था।
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दोनों शरीफ के बीच बढ़ रहे मतभेद

- फोटो : Getty Images
स्ट्राइक का दीर्घकालीन लक्ष्य यह था कि पाकिस्तान को अब भारत के नए रूख के साथ तालमेल बनाना होगा। भारत का 'नया रूख' पिछले हफ्तों के दरम्यान कायम हो गया है और सामान्य रूख आने वाले दिनों में बनेगा। पाकिस्तान को अब भारत की ओर मिलने वाले मुंहतोड़ जवाब के लिए तैयार रहना होगा, जहां सरप्राइज और तेजी  की-फैक्टर होगी और एलओसी के मायने होते जाएंगे। 

इस बार उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान को भारत के सैन्य जवाब की उम्मीद नहीं थी और उसने अपनी कुछ चौकियों पर चौकसी बढ़ा दी थी, लेकिन भारतीय सेना ने हमले के लिए दूसरी चौकियों को चुना और इसने पूरा अंतर पैदा कर दिया। 

पिछले कुछ साल से पाकिस्तान हर चीज पर कंट्रोल कर रहा था। फिर वह चाहे छोटे-छोटे हमले कराना हो या मुंबई हमले जैसा बड़ा हमला। हर बार भारत अपना आक्रोश जताता, लेकिन जवाब देने के लिए कभी डिप्लोमेटिक तरीकों से आगे नहीं जाता। भारत और पाकिस्तान को इसकी आदत पड़ गई थी, लेकिन भारत की बेबसी बढ़ती जा रही थी। 

पाकिस्तान सरकार और मिलिट्री-आईएसआई के बीच भारत और आतंकवाद को लेकर मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। हालांकि पाकिस्तानी सेना आतंकी ढांचे को नष्ट नहीं करना चाहती, जबकि पाकिस्तान इसके नतीजे का अंदाजा लगा सकता है, भारत ने भी कूटनीतिक बातचीत से आगे जाकर सैन्य कार्रवाई कर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दे दिया है। 
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