दिल्ली में विपक्षी इंडिया ब्लॉक ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी की है। गठबंधन का चलो दिल्ली मार्च 1 नवंबर को दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान पहुंचेगा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आम लोगों, छात्रों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। विपक्ष इस प्रदर्शन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाएगा।
इंडिया ब्लॉक का मार्च कब और कहां से शुरू होगा?
इंडिया ब्लॉक का चलो दिल्ली मार्च 1 नवंबर को दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जंक्शन से शुरू होगा। यह मार्च रामलीला मैदान तक पहुंचेगा, जहां विपक्षी दलों की बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। राहुल गांधी ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत और सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसमें हर वह व्यक्ति शामिल हो सकता है, जो लोकतंत्र और मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाना चाहता है। राहुल ने राजनीतिक दलों के अलावा छात्रों, कारोबारियों, नौकरीपेशा लोगों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सिविल सोसायटी के सदस्यों से भी इसमें शामिल होने की अपील की।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग कार्यक्रम क्यों टला?
इंडिया ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 30 अक्तूबर को जनता की ओर से महाभियोग कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई थी। हालांकि, दिल्ली में लगातार बारिश होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। अब यह कार्यक्रम 31 अक्तूबर को दोपहर 2:30 बजे आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि बारिश के कारण कार्यक्रम की तारीख बदली गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग संविधान को कमजोर कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही तय होनी चाहिए। गठबंधन उनके इस्तीफे की मांग भी कर रहा है।
राहुल गांधी ने आम लोगों और छात्रों से क्या अपील की?
राहुल गांधी ने कहा कि रामलीला मैदान में होने वाला मार्च केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें आम नागरिक, छात्र, युवा, कारोबारी, नौकरीपेशा लोग, पत्रकार और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन संविधान, लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए है। राहुल ने बृहस्पतिवार को भी लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने पुलिस और उसकी लाठियों से नहीं डरने की बात कही थी। उनका दावा था कि भाजपा अपने किसी भी हथकंडे से लोगों को इस प्रदर्शन में शामिल होने से नहीं रोक पाएगी। उन्होंने छात्र संगठनों से भी राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा उनकी टीम के जरिए भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब से दिल्ली आने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों को रोकने की कोशिश की जा रही है। राहुल ने कहा कि रामलीला मैदान में जुटने वाली भीड़ से पता चलेगा कि कितने लोग प्रदर्शन में शामिल होना चाहते हैं और कितनों को रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों लोगों को उनके मताधिकार से वंचित किया जा रहा है और उनका वोट छीना जा रहा है। ये आरोप राहुल गांधी ने लगाए हैं।
विपक्षी दलों ने एकजुटता को लेकर क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि यह अलग-अलग प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक ही आंदोलन है और पूरा विपक्ष इसमें एक साथ खड़ा है। उनके मुताबिक, संविधान, भारत की अवधारणा और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दल एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि वोट केवल चुनाव में हिस्सा लेने का माध्यम नहीं, बल्कि हर भारतीय की आवाज और उसकी भागीदारी का प्रतीक है। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने भी विपक्षी एकजुटता की बात कही। उन्होंने छात्रों, युवाओं, मजदूरों, गृहिणियों और सिविल सोसायटी से जुड़े लोगों को आंदोलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया। डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि सभी लोग इस लड़ाई में साथ हैं और इसे मिलकर लड़ेंगे।