इंडिया गुट के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इसमें चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चार मांगें रखी गई हैं। नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। आइए जानते हैं राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में क्या-क्या मांगें की गई हैं...
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के दौरान इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर प्रक्रिया रोकने और मतपत्र से चुनाव कराने समेत चार मांगें रखी गई हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि राष्ट्रपति इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लें और अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए मांगों पर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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इंडिया ब्लॉक ने की क्या मांगें?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और 2023 के उस कानून को रद्द करना, जो मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को आजीवन कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाना और मतदाता सूची से कथित तौर पर अवैध रूप से हटाए गए सभी 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम तत्काल बहाल करना।
सभी चुनावों में बैलेट पेपर के जरिए मतदान की व्यवस्था बहाल करना।
पिछले दो वर्षों में हुए उन सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करना, जिनमें वोट चोरी के पुख्ता सबूत पेश किए गए हैं।
ज्ञापन के अंत में कहा गया है कि जब अन्य सभी रास्ते बंद हो जाते हैं, तब देश के लोग राष्ट्रपति पद को लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतिम संरक्षक के रूप में देखते हैं।
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INDIA bloc leaders submitted a memorandum to President Droupadi Murmu in their meeting at the Rashtrapati Bhavan. "...We urge you to take cognisance of this grave situation and use your good offices to ensure that the following demands are addressed without delay: 1. Resignation of Gyanesh Kumar, the Chief Election Commissioner and the repeal of 2023 law that provides life-long immunity to the CEC and ECs. 2. Immediate suspension of the SIR and immediate restoration of all 13.30 crore voters illegally deleted from electoral rolls. 3. A return to paper ballots for all elections. 4. Repeal all Assembly elections over the last two years in which conclusive evidence of vote chori has been presented. We approach you because, in moments when every other door has been closed, the people of India look to the Office of the President as the final guardian of that covenant..."reads the memorandum
किन नेताओं ने की राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और ममता बनर्जी के अलावा प्रतिनिधिमंडल में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा, वीसीके प्रमुख थोल. थिरुमावलवन, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के ईटी मोहम्मद बशीर, माकपा महासचिव एमए बेबी और भाकपा के डी राजा भी शामिल थे।
राहुल गांधी बोले- 12 अक्तूबर को सीजेआई को सौंपेंगे ज्ञापन
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा, "पूरा देश जानता है कि वोट चोरी हो रही है। नरेंद्र मोदी इसके मुख्य सूत्रधार हैं, जबकि अमित शाह और ज्ञानेश कुमार इसे अंजाम दे रहे हैं। आज भारत की राष्ट्रपति ने इस तथ्य को खारिज नहीं किया।" राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगामी 12 अक्तूबर को सीजेआई सूर्यकांत को ज्ञापन सौंपेंगे।
इससे पहले संसद भवन से मार्च निकाल रहे विपक्षी गठबंधन इंडिया के अन्य सांसदों को पुलिस ने विजय चौक पर रोक दिया था। राष्ट्रपति भवन को प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम पहले ही भेज दिए गए थे। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति मुर्मू को कथित वोट चोरी के मुद्दे पर ज्ञापन सौंपने के लिए गया है।