लोकसभा मे विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर मंगलवार को इंडिया ब्लॉक की बैठक हुई। इस बैठक में इंडिया गठबंधन के जुड़े कई अहम नेता शामिल हुए। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हम यहां एकजुट होकर खड़े हैं। यह अलग-अलग नहीं, एक ही आंदोलन है। मैं आपको गारंटी देता हूं कि जिस तरह हमने ऊर्जा, ताकत और एकता के साथ एकजुट होकर काम किया, उसी तरह हम आगे भी मिलकर लड़ते रहेंगे... हम सुप्रीम कोर्ट, भारत के मुख्य न्यायाधीश और भारत की न्याय प्रणाली का बहुत सम्मान करते हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और सरकार को चुनौती देने पर
सांसद राहुल गांधी ने कहा, लोकतंत्र में अपनी बात रखने का एक माध्यम जंतर-मंतर था। अब सरकार ने तय कर लिया है कि जंतर-मंतर का इस्तेमाल लोकतांत्रिक भावनाओं को जाहिर करने के लिए नहीं किया जा सकता। हम सरकार की इस सोच को चुनौती देने जा रहे हैं। सरकार के लिए यह तय कर देना इतना आसान नहीं होगा कि भारत के लोग अपनी आवाज उठाने के लिए संघर्ष नहीं करेंगे। जिन लोगों ने यह सब किया है, उन्हें समझना होगा कि अब उनके चारों ओर घेरा कसता जा रहा है। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हैं, जो इसके मुख्य सूत्रधार हैं। गृह मंत्री अमित शाह इसे लागू करने वाले हैं। ज्ञानेश कुमार और अन्य लोग भी इसमें शामिल हैं। उन्हें समझना होगा कि भारतीय संविधान को नष्ट करके वे आसानी से बच नहीं सकते।”
लोकतंत्र बहाल करना लक्ष्य-राहुल
राहुल गांधी ने कहा, हम सभी यहां एक साथ खड़े हैं। जैसा कि मैंने कल कहा था, अलग-अलग या एक-दूसरे से जुड़े हुए कई प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं। यह एक ही प्रदर्शन है और इसका एक ही मकसद है भारत में लोकतंत्र को बहाल करना। देश में लोकतंत्र को नष्ट कर दिया गया है। चुनाव व्यवस्था को बर्बाद कर दिया गया है। संविधान को फाड़कर फेंक दिया गया है। हम सभी मिलकर देश में लोकतांत्रिक शासन और वास्तविक लोकतंत्र को फिर से स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
राहुल का जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने का वादा
राहुल गांधी ने कहा, हम आपसे वादा करते हैं कि जिन लोगों ने यह सब किया है, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार, वह महिला जो इस समय देहरादून में छिपी हुई हैं और अन्य लोग शामिल हैं।
जनता के समर्थन और संघर्ष जारी रखने पर
राहुल गांधी ने कहा, कल आपने जो देखा, वह यहां मौजूद किसी राजनीतिक दल की अभिव्यक्ति नहीं थी, बल्कि भारत की जनता की आवाज थी। हम दिल्ली के लोगों और देश की जनता को धन्यवाद देना चाहते हैं, जो हमारे साथ खड़े हुए और जो कुछ किया जा रहा है, उसके खिलाफ हमारा समर्थन किया। यह लड़ाई हमारे बारे में नहीं है। यह भारत की जनता और उसके भविष्य के बारे में है। हम सभी आपसे प्यार करते हैं और आपका सम्मान करते हैं। इसलिए हम सब मिलकर देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को फिर से बहाल करने के लिए अंत तक संघर्ष करेंगे। हम आपसे वादा करते हैं कि जिन लोगों ने यह सब किया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार, देहरादून में छिपी हुई वह महिला और अन्य लोग...उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
आंदोलन जारी रखने, आगे की रणनीति पर मंथन
राहुल गांधी ने कहा, कल प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैंने 'दृढ़ता और लगातार प्रयास करते रहने' की बात कही थी। हमारी यह टीम रुकने वाली नहीं है। चाहे कल हो, परसों, तीन महीने बाद, छह महीने बाद, एक साल बाद या दो साल बाद हमारा संघर्ष नहीं रुकेगा। हम अपने अंतिम लक्ष्य तक पहुंचकर रहेंगे। मैं आपको यह ठीक-ठीक नहीं बता सकता कि हम वहां तक कैसे पहुंचेंगे, क्योंकि इससे हमारी आगे की योजना का खुलासा हो जाएगा। हम चाहते हैं कि आपके और देश के लोगों के लिए उत्सुकता और आश्चर्य बना रहे। लेकिन मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि जिस ऊर्जा, ताकत और एकजुटता के साथ हमने आंदोलन खड़ा किया है, उसी भावना के साथ मिलकर आगे भी संघर्ष करते रहेंगे।
राहुल ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करते हैं। हमें सुप्रीम कोर्ट, भारत के मुख्य न्यायाधीश और भारतीय न्याय व्यवस्था का बहुत सम्मान है। इन संस्थाओं की अपनी भूमिका है और हमें उम्मीद है कि वे अपनी भूमिका निभाएंगी। हालांकि, हम राजनीतिक लोग हैं। इसलिए चाहे कुछ भी हो, कोई संस्था अपनी भूमिका निभाए या न निभाए, हमारा राजनीतिक विरोध जारी रहेगा। जनता का संघर्ष भी जारी रहेगा और अंत में उसकी जीत होगी।