IEA की बैठक को संबोधित करते पीएम मोदी
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भारत ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी में पूर्ण सदस्यता के लिए बातचीत शुरू कर दी है। आईईए ने बुधवार को जानकारी देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के सदस्य देशों के मंत्रियों ने 31 देशों की पेरिस स्थित एजेंसी का पूर्ण सदस्य बनने के आवेदन पर बातचीत शुरू कर दी है।
वैश्विक ऊर्जा-जलवायु चुनौतियों से निपटना जरूरी-आईईए
पेरिस में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की 2024 मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया कि वैश्विक ऊर्जा और जलवायु चुनौतियों से निपटने में देश के रणनीतिक महत्व के तहत भारत के साथ बातचीत की जा रही है। मंत्रिस्तरीय बैठक ने आईईए को प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साथ सहयोग को गहरा करने के लिए एक मजबूत जनादेश दिया। इसमें पूर्ण आईईए सदस्यता के अनुरोध पर भारत के साथ चर्चा शुरू करना भी शामिल है। गौरतलब है कि भारत 2017 में एक सहयोगी सदस्य के रूप में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) में शामिल हुआ था। अक्टूबर 2023 में भारत ने पूर्ण सदस्यता के लिए औपचारिक अनुरोध भेजा था।
हम बड़ी भूमिका निभाएगा, जिससे IEA को फायदा होगा- पीएम मोदी
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। निरंतर विकास के लिए ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता की आवश्यकता है। मुझे यकीन है कि जब भारत इसमें बड़ी भूमिका निभाएगा तो अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) को फायदा होगा। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता, मार्च 2017 में IEA का सहयोगी सदस्य बन गया, लेकिन लंबे समय से एजेंसी के साथ जुड़ा हुआ है।
अन्य देश की भी एजेंसी का पूर्ण सदस्यता की मांग
2021 में भारत ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग को मजबूत करने के लिए आईईए के साथ एक रणनीतिक साझेदारी समझौता भी किया था। बता दें अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) 31 सदस्य देशों के सहयोग से मिलकर बना है। इसमें आठ सहयोगी देश भी शामिल हैं। गौरतलब है कि चार देश चिली, कोलंबिया, इस्राइल और लिथुआनिया पूर्ण सदस्यता की मांग कर रहे हैं।