भारत ने नौ सितंबर को जी20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन की मेजबानी की। इस दौरान कई महत्तपूर्ण समझौते हुए। भारत ने चीन को पटखनी देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। चीन के बीआरआई प्रोजेक्ट की काट के लिए भारत ने भारत-मध्यपूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे की स्थापना के लिए समझौता किया है।
नए आर्थिक गलियारे में इतने देश शामिल
जी20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन भारत ने चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के खिलाफ भारत-मध्यपूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे की स्थापना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए। नए आर्थिक गलियारे में भारत, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरत, सऊदी अरब, इटली और यूरोपीय संघ शामिल हैं। नए आर्थिक गलियारे के कारण एशिया, पश्चिम एशिया, मध्यपूर्व और यूरोप के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे। गलियारे में शामिल देशों के बीच बढ़ी हुई कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण से आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा और विकास को गति प्रदान होगा।
रेल लाइन का होगा विस्तार
नए आर्थिक गलियारे में दो अलग-अलग गलियारे शामिल होंगे। इसमें, पूर्वी गलियारा भारत को पश्चिम एशिया और मध्यपूर्व से जोड़ेगा तो वहीं, उत्तरी गलियारा पश्चिम एशिया और मध्यपूर्व को यूरोप से जोड़ेगा। एमओयू के अनुसार, इसमें एक रेलवे लाइन शामिल है। रेलवे लाइन के कारण भारत के माध्यम से दक्षिण पूर्व एशिया के बीच वस्तुओं और सेवाओं के ट्रांसशिपमेंट को बढ़ाने वाला मौजूदा मल्टी-मॉडल परिवहन मार्गों को नया नेटवर्क प्रदान होगा। भारत एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य के रूप में निवेश, सहयोग और कनेक्टिविटी बनाने के लिए भारत के साथ खड़ा है।
भारत को व्यापार सहित अन्य मोर्चों पर मिलेगी मजबूती
आर्थिक गलियारे के कारण भारत को काफी लाभ होगा। गलियारा के कारण भारत को खाड़ी देशों, यूरोप सहित पूर्व एशिया और पश्चिम एशिया में मजबूती मिलेगी। भारत को व्यापार प्रवाह के मार्ग में मजबूती मिलेगी। भारत को रणनीतिक और आर्थिक स्तर पर लाभ मिलेगा। भारत को आर्थिक गलियारे से अन्य लाभ भी मिलेंगे।
विकासशील देशों में 35,623 करोड़ निवेश करेगा यूरोपीय संघ
यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, हम अक्षय ऊर्जा और हाइड्रोजन को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच साल में विकासशील देशों में कम-से-कम 4 अरब यूरो (35,623 करोड़ रुपये) का निवेश करेंगे। लेयेन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक खतरा है और खाद्य असुरक्षा बढ़ाने वाला कारक है। अगर हमें इस खतरे से निपटना है और तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री तक सीमित करने के लक्ष्य तक पहुंचना है तो 2030 तक अक्षय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना और ऊर्जा दक्षता को दोगुना करने की जरूरत है। लेयेन ने कहा, जी-20 में मैंने नेताओं को वैश्विक कार्बन मूल्य निर्धारण के आह्वान में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। अधिक खंडित दुनिया में वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक मंच के रूप में जी-20 की भूमिका महत्वपूर्ण है।
यह गेम चेंजिंग निवेश: बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि यह बड़ा समझौता है। अगले दशक में भागीदार देश निम्न मध्यम आय वाले देशों में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करेंगे। वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर यही जी-20 सम्मेलन का फोकस है और कई मायनों में यह इस साझेदारी का फोकस भी है जिसके बारे में हम बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका हिंद महासागर की तरफ अंगोला से एक नई रेल लाइन में निवेश करेगा। इससे नौकरियां पैदा होंगी और खाद्य सुरक्षा बढ़ेगी। यह एक गेम-चेंजिंग निवेश है। वहीं, यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन ने कहा कि अर्थव्यवस्थाओं के इंफ्रास्ट्रक्चर में इन्वेस्टमेंट मध्यम आय वाले देशों की जरूरत है। आर्थिक कॉरिडोर ऐतिहासिक है। इससे भारत और यूरोप के बीच व्यापार में 40 प्रतिशत की तेजी आएगी।
पहल के कार्यान्वयन के लिए सऊदी अरब तत्पर: मोहम्मद बिन सलमान
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण परियोजना है। हम लंबी अवधि के लिए इन्वेस्टमेंट करने के प्रतिबद्ध हैं। यह एशिया, पश्चिम एशिया और यूरोप के लिए बहुत अहम परियोजना है। यह लोगों को आपस में जोड़ने का बड़ा अवसर है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि सऊदी अरब इस पहल के कार्यान्वयन के लिए तत्पर है। मैं उन लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने इस कदम तक पहुंचने के लिए हमारे साथ काम किया। जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण परियोजना है। जर्मनी 3500 मिलियन यूरो का वर्ल्ड बैंक के साथ अतिरिक्त निवेश करेगा। हम अफ्रीका के साथ भी काम करना चाहते हैं।