भारत और ऑस्ट्रेलिया (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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भारत और ऑस्ट्रेलिया ने बृहस्पतिवार को साइबर सुरक्षा खतरों को लेकर साझा सहयोग पर बात की। दोनों देशों ने इस दौरान फिर से डिजिटल अर्थव्यवस्था और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में साझा काम करने पर सहमति जताई। साथ ही साइबर सुरक्षा से जुड़े कानून व रणनीतियां आपस में साझा कीं।
भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच साइबर सुरक्षा सहयोग पर गठित संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की यह पहली बैठक थी। इस वर्चुअल बैठक के दौरान साइबर व साइबर सक्षम अहम प्रौद्योगिकी सहयोग पर फ्रेमवर्क व्यवस्था के तहत चिह्नित जटिल व उभरती हुई तकनीकों पर भी बात की गई। दोनों देशों ने माना कि अहम बुनियादी सूचना ढांचे के साथ ही 5जी प्रौद्योगिकी और इंटरनेट से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद अहम है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों ने बैठक में माना कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मौरिसन के बीच पिछले साल 4 जून को लीडर्स वर्चुअल समिट के दौरान हुई मुलाकात के बाद द्विपक्षीय संबंधों में तेजी से उभार आया है।
जेडब्ल्यूजी की बैठक के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय की निदेशक (ओशिनिया) पॉलोमी त्रिपाठी ने संभाला तो ऑस्ट्रेलियाई दल की कमान वहां के विदेश मामले व व्यापार विभाग के विशेष सलाहकार (साइबर मामले व अहम तकनीक) रचेल जेम्स संभाल रहे थे।