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विदेश मंत्रालय की चीन को दो टूक, अपने सैनिकों को अनुशासन और नियंत्रण में रखे

Tue, 01 Sep 2020 09:47 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत-चीन (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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पिछले तीन महीने से ज्यादा समय से चल रहे भारत और चीन के बीच सीमा विवाद में चीनी पक्ष की हरकतों पर विदेश मंत्रालय ने अपना पक्ष रखा है। मंत्रालय ने कहा है कि भारत वार्ता के जरिए विवाद निपटाने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन चीन को अपनी हरकतों पर लगाम लगानी होगी। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यह बात कही।

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विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने चीनी पक्ष के साथ हालिया गतिविधियों और आक्रामक कार्रवाइयों का मामला राजनयिक और सैन्य, दोनों चैनलों के माध्यम से साझा किया है। हमने उनसे अनुरोध किया है कि अनुशासन में रहें और अपने अग्रिम पंक्ति के सैनिकों कों ऐसी आक्रामक गतिविधियां करने से रोकें।


मंत्रालय ने कहा कि 31 अगस्त को, जब दोनों पक्षों के स्थानीय कमांडर स्थिति को सामान्य करने के लिए चर्चा कर रहे थे, तब भी चीनी सैनिकों ने उकसाने वाली कार्रवाई की थी। समय रहते रक्षात्मक कार्रवाई के चलते भारतीय पक्ष यथास्थिति को बदलने के लिए किए गए इन प्रयासों को रोकने में सक्षम रहा था।
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विदेश मंत्रालय ने कहा, 'जैसा कि कल (सोमवार को) भारतीय सेना ने कहा था कि भारतीय पक्ष ने इन उकसाने वाली कार्रवाइयों का जवाब दिया था। भारतीय सेना ने क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा और अपने हितों की सुरक्षा के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर उचित रक्षात्मक मानकों का पालन किया था।' 

मंत्रालय ने कहा कि पिछले तीन महीने से ज्यादा समय से चल रहे विवाद को शांत करने के लिए भारत और चीन लगातार राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से वार्ता कर रहे हैं। चीन इसका उल्लंघन कर रहा है और उसके सैनिक पैंगोंग त्सो झील इलाके में 29 और 30 अगस्त की रात को उकसाने वाले सैन्य अभ्यास में लगे रहे।

भारत ने विफल की चीनी सैनिकों की घुसपैठ की कोशिश
सीमा पर स्थिति को लेकर सूत्रों ने बताया कि भारतीय सुरक्षा बलों ने आज (मंगलवार को) चीनी सेना की ओर से चूमर के सामान्य क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा के भारतीय पक्ष में घुसने के प्रयास को विफल कर दिया। सूत्रों ने बताया कि चीनी सेना के सात से आठ भारी वाहन उनके चेपुजी शिविर से भारतीय पक्ष की एलएसी की ओर चले थे। इसके जवाब में भारतीय सुरक्षा बलों ने घुसपैठ रोकने के लिए एहतियाती तैनाती की।

सूत्रों के अनुसार, भारतीय सैनिकों के साथ वाहनों को देखकर, चीनी वाहनों का काफिला वापस अपने ठिकानों की ओर लौट गया। भारतीय सुरक्षा बल एलएसी के साथ-साथ किसी भी क्षेत्र में चीनियों द्वारा किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। बता दें कि चीन की हरकतों पर नजर रखने के लिए और उसकी किसी अनावश्यक गतिविधि का जवाब देने के लिए भारत की तीनों सेनाएं अलर्ट पर हैं।

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