विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 59वें आसियान दिवस के अवसर पर आसियान सदस्य देशों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत और आसियान के बीच संबंधों को अधिक मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत दोनों पक्षों की साझेदारी लगातार गहरी हो रही है।
कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग
जयशंकर ने आगे कहा कि यह सहयोग व्यापार, कनेक्टिविटी, डिजिटल संपर्क, रक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विदेश मंत्री ने विश्वास जताया कि यह मजबूत रिश्ता व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देगा।
कुतुब मीनार पर ऐतिहासिक रोशनी
इस अवसर पर नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक कुतुब मीनार पर एक अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। 59वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में कुतुब मीनार को आसियान के नीले, लाल और पीले रंगों से रोशन किया गया। स्मारक पर आसियान का प्रसिद्ध 'चावल की बालियों' वाला प्रतीक प्रदर्शित किया गया और आसियान का राष्ट्रगान भी बजाया गया।
फिलीपींस दूतावास की विशेष पहल
इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन भारत में फिलीपींस दूतावास की ओर से किया गया था। फिलीपींस इस समय आसियान न्यू दिल्ली समिति की अध्यक्षता संभाल रहा है। फिलीपींस दूतावास के अनुसार, दुनिया के किसी बड़े राष्ट्रीय स्मारक पर आसियान के प्रतीकों का यह पहला प्रदर्शन था। इस ऐतिहासिक पल के गवाह 80 से अधिक राजनयिक और बड़ी संख्या में मौजूद पर्यटक बने।
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वैश्विक अर्थव्यवस्था की बड़ी ताकत आसियान
दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का यह संगठन (आसियान) 1967 में पांच देशों द्वारा स्थापित किया गया था। हाल ही में तिमोर-लेस्ते के शामिल होने के बाद इसके सदस्यों की संख्या 11 हो गई है। 700 मिलियन से अधिक आबादी और चार ट्रिलियन डॉलर से अधिक जीडीपी के साथ यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है।
34 वर्षों की मजबूत साझेदारी
भारत और आसियान के बीच औपचारिक संबंधों की शुरुआत 1992 में हुई थी, जो 2022 में 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' में बदल गए। यह वर्ष संगठन के 'आसियान विजन 2045' के क्रियान्वयन का पहला वर्ष भी है।