भारत में हर साल सड़क हादसों में डेढ़ लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है जबकि लाखों गंभीर रूप से जख्मी होते हैं। इन्हीं हादसों की रोकथाम के लिए भारत और स्वीडन के विशेषज्ञ मिलकर काम करेंगे। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में आईआईटी दिल्ली और स्वीडन सरकार के बीच समझौता हुआ है।
इसे स्वीडिश-इंडिया ट्रांसपोर्ट इनोवेशन एंड सेफ्टी प्लेटफार्म (एसआईटीआईएस) का नाम दिया गया है। आईआईटी दिल्ली और स्वीडन के विशेषज्ञ एक साथ काम करेंगे।
आईआईटी दिल्ली के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर और इस प्रोजेक्ट के प्रमुख प्रो. अनूप चावला के मुताबिक सड़क हादसों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इन्हीं हादसों को कम करने और सुरक्षा मानकों को प्रभावी बनाने के मकसद से दोनों देशों के विशेषज्ञ काम करेंगे।
इनके शोधकार्य पर तैयार रिपोर्ट केंद्र सरकार को दी जाएगी ताकि सड़क व यातायात नियमों में बदलाव किया जा सके। इस योजना में नीति आयोग, भारत सरकार का परिवहन विभाग, शैक्षिक सस्थानों, स्वास्थ्य विभाग, कार व बाइक निर्माता कंपनियों के विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा।
इसका मकसद वाहनों के डिजाइन में फेरबदल करना है। दोनों देशों के विशेषज्ञों की टीम अलग-अलग राज्यों का दौरा कर वहां के सड़क हादसों पर रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर विशेषज्ञ सड़कों के डिजाइन में बदलाव का सुझाव देंगे।