भारत और पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर संघर्ष विराम करार को सख्ती से लागू करने के ताजा वादे के बाद अपने उच्चायुक्तों को जल्द ही बहाल करने जा रहे हैं। बैकचैनल स्तर पर गंभीर रुप से चल रही बातचीत में इस फैसले पर मुहर लग गई है। इस बातचीत में संयुक्त अरब अमिरात (यूएई) का अहम रोल माना जा रहा है।
यूएई के विदेश मंत्री अबदुल्ला बिन जाईद और भारत के उनके समकक्ष एस जयशंकर ने इस बावत कई मंच पर बातचीत साझा की है। दूसरी तरफ पाकिस्तान और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद युसूफ और अजीत दोभाल आगे के रोडमैप को अंतिम रूप दे रहे हैं। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, भारत-पाक संबंधों को लेकर तीन से चार चरणों में कुछ ठोस फैसले लेने की योजना पर सभी पक्षों की तरफ से गंभीर काम हो रहा है।
सूत्रों ने बताया कि दोनों सेनाओं ने 25 फरवरी को हुए सीजफायर करार को निभाने का वादा निभाया है। इसका मतलब साफ है कि पाकिस्तान कश्मीर घाटी में घुसपैठिए नहीं भेज रहा। इधर भारत ने भी पूरी तरह संयम बरत रखा है। इस परिणाम को देखते हुए अब अगला कदम दोनों उच्चायुक्तों को नई दिल्ली और इस्लामाबाद में बहाल करना है।
गौरतलब है कि पांच अगस्त 2019 को केंद्र सरकार के जम्मू-कश्मीर की स्वायत्ता खत्म कर उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के फैसले से हतप्रभ पाकिस्तान ने नई दिल्ली से अपने उच्चायुक्त को बुलवा लिया था। साथ ही इस्लामाबाद में तैनात भारतीय उच्चायुक्त को भी वापस भेज दिया था।
सूत्रों ने बताया कि दोनों उच्चायुक्तों की बहाली के बाद भारत और पाकिस्तान व्यापार और वाणिज्य को मजबूत करने के रास्ते खोलेंगे। सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए भी ब्लूप्रिंट को अंतिम रुप दिया जा रहा है। चौथे चरण में जम्मू-कश्मीर और अन्य विवादित मामलों का निबटारा बातचीत के जरिए हल करने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, 25 फरवरी को दोनों डीजीएमओ द्वारा सीजफायर वाले साझा बयान के अगले दिन यूएई के विदेश मंत्री अबदुल्ला बिन जईद ने भारत का दौरा किया था। माना जा रहा है कि उन्होंने भारत-पाक संबंधों पर जयशंकर और दोभाल के साथ अहम बातचीत की। यूएई एकमात्र देश है जिसने भारत-पाक के इस ताजा सीजफायर करार का स्वागत करते हुए इनके ऐतिहासिक संबंधों से जुड़ा बयान जारी किया था। उस वक्त यूएई के इस बयान पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शनिवार को पाक पीएम इमरान खान को कोविड-19 संक्रमण से जल्द ठीक होने की शुभकामना वाले ट्वीट को खास कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है। इससे पहले पाकिस्तानी सेना जनरल कमर जावेद वाजवा का पुरानी बातें भूल कर आगे बढ़ने के भारत को दिए नसीहत को भी सकारात्मक पहल का हिस्सा माना जा रहा है।