पाकिस्तान में हुए हालिया चुनावों के बाद इमरान खान 18 अगस्त को प्रधानमंत्री पद पर शपथ ग्रहण की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्यौता भेजे जाने की भी सुगबुगाहट थी। लेकिन इमरान की ताजपोशी में किसी भी विदेशी नेता को न्योता नहीं दिया गया है।
वहीं पीएम मोदी ने फोन पर इमरान को बधाई संदेश दिया और उधर से भी सकारात्मक जवाब मिला। लेकिन पिछले चार साल में पठानकोट आतंकी हमले और खासतौर पर अगस्त 2016 में सार्क देशों के गृहमंत्रियों के सम्मेलन में राजनाथ के साथ हुए व्यवहार के बाद दोनों देशों के रिश्ते निचले स्तर पर हैं।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या इमरान खान की वजह से भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सुधरेंगे?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 2567 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 28.48 फीसदी (731 वोट) पाठकों ने माना कि इमरान खान की वजह से भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सुधरेंगे। जबकि 71.52 फीसदी (1836 वोट) पाठकों ने माना कि इमरान खान की वजह से भारत और पाकिस्तान के रिश्ते नहीं सुधरेंगे।