भारत और कजाकिस्तान ने 8वें विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) के दौरान दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने और रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित परामर्श वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथि पर विदेश कार्यालय परामर्श के अगले दौर को आयोजित करने पर सहमति जताई।
भारतीय पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम), संजय वर्मा ने किया और कजाख पक्ष का नेतृत्व कजाकिस्तान गणराज्य के उप विदेश मंत्री कनाट तुमिश ने किया। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, भारत और कजाकिस्तान के बीच बेहद करीबी और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। एफओसी के दौरान, दोनों पक्षों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी के ढांचे के भीतर द्विपक्षीय सहयोग की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की और वर्तमान स्तर की प्रतिबद्धता संतोष व्यक्त किया।
एफओसी ने दोनों पक्षों को पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) जीसी मुर्मू ने हाल ही में ताजिकिस्तान और कजाकिस्तान के ऑडिट संस्थानों के साथ दो समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि ऑडिटिंग के क्षेत्र में सहयोग और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को मजबूत किया जा सके।