भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षामंत्री नोबू किशी
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चीन की बढ़ती आक्रामकता के बीच भारत और जापान ने हिंद प्रशांत क्षेत्र में किसी ‘यथास्थिति’ को एकतरफा बदलने की कोशिशों व तनाव बढ़ाने वाली किसी भी गतिविधि का कड़ा विरोध किया। साथ ही मुक्त व खुले समुद्री क्षेत्र को अहम बताया।
क्षेत्रीय स्थिति को लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को जापान के रक्षामंत्री नोबू किशी से फोन पर बात की। जापानी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं पूर्वी व दक्षिण चीन सागर समेत क्षेत्रीय स्थितियों को लेकर चर्चा की और एक दूसरे का सहयोग करने को लेकर प्रतिबद्धता जताई। साथ ही क्षेत्र में किसी भी तनाव बढ़ाने वाली हरकत को लेकर चेताया। दोनों मंत्रियों ने विभिन्न रक्षा सहयोग पहलों की प्रगति की समीक्षा की और भारत जापान विशेष रणनीतिक व वैश्विक साझेदारी के ढांचे के तहत सशस्त्र बलों के बीच सहयोग आगे बढ़ाने को लेकर प्रतिबद्धता जताई।
दरअसल, कोरोना महामारी की आड़ में चीन ने दक्षिण चीन सागर, पूर्वी चीन सागर, पूर्वी लद्दाख में सैन्य आक्रमकता बढ़ाई है, जिसने वैश्विक चिंताओं को बढ़ाया है। इसके बाद भारत और जापान लगातार हिंद प्रशांत क्षेत्र की स्थिति को लेकर चर्चा कर रहे हैं और साझा चुनौतियों से निपटने को लेकर सहयोग बढ़ा रहे हैं। सितंबर में दोनों देशों ने एक दूसरे की सेनाओं को लॉजिस्टिक सपोर्ट बेस तक पहुंच मुहैया कराने को लेकर समझौता किया था।