केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद
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सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भारत और जापान ने शुक्रवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर दिए। इस समझौते पर भारत के दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद और जापान की ओर से आंतरिक मामलों और संचार मंत्री तकेदा रायोटा ने हस्ताक्षर किए। एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह हस्ताक्षर किए गए। इस करार के तहत भारत और जापान 5जी नेटवर्क को विकसित करने, संचार सुरक्षा, समुद्र के भीतर फाइबर केबल बिछाने और स्मार्ट सिटी जैसे प्रोजेक्ट पर मिलकर काम करेंगे।
भारतीय दूरसंचार विभाग और जापान का संचार मंत्रालय 5जी टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम सुरक्षा, भारतीय द्वीपों के लिए सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबस सिस्टम, स्पेक्ट्रम प्रबंधन, स्मार्ट शहर, संपर्क से दूर इलाकों में ब्रॉडमबैंड के लिए अधिक ऊंचाई वाले प्लेटफॉर्म, आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा के लिए संयुक्त सहयोग मजबूत करेंगे। इस बात पर सहमति जताई गई है कि मंत्रालयस्तरीय सहयोग से इतर, भारत सरकार के सी-डॉट और आईटीआई लिमिटेड जैसे संगठन भी जापान के औद्योगिक भागीदारों के साथ इस सहयोग का हिस्सा होंगे।
केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अंडमान निकोबार को सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ने के काम को समय से शुरू करने को भारत और जापान के बीच सहयोग का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने आरोग्य सेतु, नकदी की समस्या न हो इसके लिए भारतीय डाक द्वारा आधार से भुगतान व्यवस्था, अदालतों में डिजिटल सुनवाई की व्यवस्था और डिजिटल पेमेंट जैसी नई डिजिटल तकनीकों को अपनी व्यवस्था में तेजी से समाहित किया।