पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी इलाके में भारतीय सेना से मात खाने के बाद अब चीन की सेना उत्तरी इलाके में अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रही है। जानकारी के अनुसार चीनी सेना यहा नया निर्माण भी कर रही है और आवागमन के साधन भी जुटा रही है। हालांकि, भारतीय सैनिक इस इलाके के काफी करीब हैं और चीनी सेना की हर गतिविधि पर उनकी नजर बनी हुई है।
बता दें कि पैंगोंग त्सो का उत्तरी क्षेत्र अलग-अलग आठ फिंगर एरिया में बंटा हुआ है। भारत मानता है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) फिंगर-8 से शुरू होती है और फिंगर-4 तक जाती है। वहीं, चीनी सेना इसे स्वीकार नहीं करती है। चीन के सैनिक फिंगर-5 से फिंगर-8 तक निर्माण कर रहे हैं और फिंगर-4 के पास मौजूद हैं। वहीं, आज दोनों पक्षों के बीच चुशूल में ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता हुई।
भारत और चीन के बीच हुई ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता
सीमा विवाद के चलते बढ़ते तनाव के बीच भारत और चीन के बीच चुशूल में बुधवार को ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता हुई। यह वार्ता सुबह 11 बजे शुरू हुई थी और तीन बजे समाप्त हुई। भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्ष कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता के लिए सहमत हुए। सूत्रों ने बताया कि इस वार्ता के लिए अभी तारीख, एजेंडा और तरीके को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
दो सप्ताह में दो बार आमने-सामने आए
भारत और चीन के सैनिक पिछले दो सप्ताह में दो बार आमने-सामने आ चुके हैं। सात सितंबर को मुखपारी और रेजांग ला में चीनी सैनिक 50 से 60 की संख्या में धारदार हथियार और रॉड लेकर आ गए थे। वहीं, 31 अगस्त की दोपहर को भी चीनी सैनिकों ने भारतीय इलाके पर कब्जा करने की कोशिश की थी। हालांकि, चीनी सैनिकों की दोनों कोशिशों को भारतीय पक्ष ने नाकाम कर दिया था।