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आतंक की 'ढाल' बने चीन को रोकने की तैयारी शुरू, साथ आए यूएस-भारत

Thu, 02 Nov 2017 08:41 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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china flag
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चीन द्वारा बार-बार मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित होने से बचाने के खिलाफ अब भारत और यूएस साथ आने वाले हैं। नई नीति के मुताबिक, इसमें चीन पर कोई दवाब नहीं बनाया जाएगा बल्कि यह देखा जाएगा कि जैश ए मोहम्मद और उसके जैसे आतंकी संगठनों को कैसे कमजोर किया जा सकता है।
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फिर मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव में अड़ंगा लगा सकता है चीन

इसके लिए दिसंबर में भारत और यूएस के अधिकारियों के बीच मुलाकात भी होगी जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसमें सभी आतंकी संगठनों पर दवाब बनाकर रखने की प्लानिंग होगी। यह तय किया जाएगा कि मसूद के बाद यूएन के सामने किन-किन आतंकियों पर बैन लगाने की मांग उठानी है। 

आतंकियों पर नकेल कसने के लिए नई नीति बनाने पर बात गर्मियों में डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की मुलाकात में तय हुई थी। मीटिंग में तय हुआ था कि अल कायदा, आईएसआईएस, जैश ए मोहम्मद, लश्कर ए तय्यबा, डी कंपनी और उनके जैसे बाकी आतंकी संगठनों के खिलाफ दोनों देश एकजुट हैं।
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भारत चाहता है चीन देता रहे मसूद का 'साथ'

मसूद अजहर - फोटो : social media
खबरों के मुताबिक, अब भारत चाहता है कि चीन मसूद को बैन करवाने की भारत की कोशिशों पर बार-बार पानी डालता रहे ताकि उसकी खुद की छवि आतंकियों को पनाह देने वाली बन जाए।

यूएस और भारत मिलकर आने वाले वक्त में मसूद अजहर के भाई अब्दुल राउफ आसगर पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठा सकते हैं। वह पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड है। दोनों की नजर अजहर के दूसरे भाई मौलाना इब्राहिम अत्हर अल्वी पर भी है। जिसने आई-814 को हाईजैक करके अजहर को छुड़वाया था।
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