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India AI Impact Summit: तीन सूत्र और सात चक्रों पर चलेगा ये शिखर सम्मेलन, विदेश मंत्रालय ने दी कई अहम जानकारी

Fri, 13 Feb 2026 12:33 AM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

समिट के साथ इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो भी आयोजित होगा, जो 70 हजार वर्गमीटर से ज्यादा क्षेत्र में फैला होगा। इसमें 30 देशों के 300 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा लेंगे। 10 थीम आधारित पवेलियन में एआई के रिसर्च से लेकर बड़े स्तर पर उपयोग तक के मॉडल दिखाए जाएंगे। आइए इस सम्मेलन से जुड़ी और भी जानकारी जानते हैं।
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इंडिया-AI प्रभाव शिखर सम्मेलन - फोटो : ANI
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विस्तार
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नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक होने वाला इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर केंद्रित एक बड़ा वैश्विक मंच बनने जा रहा है। यह पहला मौका है जब ग्लोबल साउथ में इस स्तर का वैश्विक एआई समिट आयोजित हो रहा है। समिट का फोकस केवल तकनीक नहीं, बल्कि लोगों के जीवन, पर्यावरण और विकास पर AI के असर पर रहेगा। आयोजन का केंद्रीय विचार सबके कल्याण और सबकी खुशहाली पर आधारित रखा गया है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि यह समिट तीन मार्गदर्शक सूत्रों पीपल, प्लैनेट और प्रोगरेस पर आधारित होगा। यानी एआई का उपयोग लोगों के हित, धरती की सुरक्षा और समग्र विकास के लिए कैसे हो, इस पर चर्चा होगी। समिट की थीम सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय रखी गई है। इसका उद्देश्य एआई को समावेशी और टिकाऊ विकास का साधन बनाना है।

सात प्राथमिक क्षेत्रों पर होगी गहन चर्चा
समिट को सात प्रमुख चक्रों या प्राथमिक क्षेत्रों में बांटा गया है। इनमें मानव संसाधन विकास, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समावेशन, सुरक्षित और भरोसेमंद एआई, लचीलापन, नवाचार और दक्षता, विज्ञान, एआई संसाधनों का लोकतांत्रिक उपयोग और आर्थिक विकास व सामाजिक भलाई के लिए AI शामिल हैं। इन क्षेत्रों में नीति, तकनीक और उपयोग के मॉडल पर चर्चा होगी।
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ग्लोबल साउथ का पहला बड़ा एआई मंच
यह समिट ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन होगा। भारत इसे विकास केंद्रित एआई दृष्टिकोण से जोड़कर देख रहा है। आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा। पांच दिन के कार्यक्रम में नीति, शोध, उद्योग और आम लोगों की भागीदारी से जुड़े सत्र रखे गए हैं। इसमें विश्व के नीति निर्माता, तकनीकी कंपनियां, शोधकर्ता और नवाचार से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे।

दुनियाभर में 80 से ज्यादा प्री-इवेंट कार्यक्रम
मुख्य समिट से पहले भारतीय मिशनों और दूतावासों ने दुनिया भर में 80 से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों के जरिए एआई के उपयोग, नीति और सहयोग पर चर्चा की गई। इसका मकसद समिट से पहले वैश्विक स्तर पर संवाद बनाना और भागीदारी बढ़ाना रहा। सरकार का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आधार मजबूत हुआ है।
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70 हजार वर्गमीटर में लगेगी एआई प्रदर्शनी
समिट के साथ इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो भी आयोजित होगा, जो 70 हजार वर्गमीटर से ज्यादा क्षेत्र में फैला होगा। इसमें 30 देशों के 300 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा लेंगे। 10 थीम आधारित पवेलियन में एआई के रिसर्च से लेकर बड़े स्तर पर उपयोग तक के मॉडल दिखाए जाएंगे। यह आयोजन इंडिया एआई मिशन और डिजिटल इंडिया पहल से जुड़ा है और लक्ष्य है कि एआई चर्चा को जमीन पर उपयोगी नतीजों में बदला जाए।


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