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सिख लड़की के अपहरण पर भारत ने कहा, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे पाकिस्तान

Fri, 25 Sep 2020 04:32 AM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनयिक को दिया समन और जताया विरोध
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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भारत ने पाकिस्तान में सिख लड़की के अपहरण के मामले में बृहस्पतिवार को कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा, अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान हरसंभव कदम उठाए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'इस मामले को लेकर सिख समुदाय में बेहद गुस्सा है और चिंता है।

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प्रवक्ता ने कहा, 'विदेश मंत्रालय ने इस मामले में पाकिस्तान के एक वरिष्ठ राजनयिक को समन भेजकर कड़ा विरोध जताया है और मौखिक रूप से भी आपत्ति जताई। पाकिस्तान में इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है। ऐसी घटनाएं अतीत में भी होती रही हैं।' 

ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रीवास्तव ने कहा, 'कुछ ऐसी भी खबरें हैं कि लड़की को रिहा कर दिया गया। हमने पाकिस्तान सरकार को बताया है कि वह अपने देश में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाए। रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में पंजाब प्रांत के पंजा साहिब क्षेत्र से सिख लड़की को अगवा किया गया था। बीते महीने भी भारत ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक सिख लड़की के जबरन इस्लाम में धर्मांतरण के मामले में भी कड़ी आपत्ति जताई थी।
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भारतीय राजनयिक को वीजा नहीं देने पर कहा, यह प्रशासनिक मामला
पाकिस्तान की ओर से एक भारतीय राजनयिक को वीजा नहीं दिए जाने के सवाल पर अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, पाकिस्तानी पक्ष कुछ ही भारतीय राजनयिकों को वीजा देता रहा है। यह फिलहाल प्रशासनिक मामला है, जिसे विदेश मंत्रालय देख रहा है।

जाधव पर कहा, वतन वापसी की कर रहे कोशिश
श्रीवास्तव से जब पूछा गया कि पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कुलभूषण जाधव की रिहाई के लिए क्या किया जा रहा है तो उन्होंने कहा, जाधव की सुरक्षित वतन वापसी के लिए सभी तरह की कोशिशें की जा रही हैं।

दूसरे देशों की संप्रभुता का सम्मान करे तुर्की
संयुक्त राष्ट्र में तुर्की की ओर से कश्मीर मसला उठाए जाने के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, न्यूयॉर्क में हमारे स्थायी मिशन ने इसका सही तरीके से जवाब दे दिया है। तुर्की के राष्ट्रपति की केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर पर की गई टिप्पणी भारत के आंतरिक मामलों में पूरी तरह दखल है और यह पूरी तरह से अस्वीकार है। तुर्की को किसी भी दूसरे देश की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।

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