फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ebola Outbreak: इबोला पर WHO ने घोषित किया आपातकाल; सरकार ने दी इन देशों की यात्रा से बचने की सलाह

Sun, 24 May 2026 10:13 AM IST
Devesh Tripathi एएनआई, नई दिल्ली

सार

कांगो, युगांडा और दक्षिणी सूडान में इबोला वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसके मद्देनजर भारत सरकार ने इन देशों की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह जारी की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से इबोला रोग के प्रकोप को देखते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया है।
विज्ञापन
इबोला वायरस - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में इबोला रोग के प्रकोप को देखते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। यह घोषणा अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम, 2005 के तहत 17 मई को की गई थी। इसे देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। 
विज्ञापन


स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा को प्रभावित करने वाले बुंडिबुग्यो स्ट्रेन इबोला वायरस रोग के चल रहे प्रकोप को 'महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' भी घोषित किया है।

ये भी पढ़ें: Sun Corona Heat: सूरज की भीषण गर्मी का खुला रहस्य, कोरोना में छिपी चुंबकीय तरंगें बना रहीं लाखों डिग्री तापमान
विज्ञापन


डब्ल्यूएचओ ने की अस्थायी सिफारिशें
विश्व स्वास्थ्य संगठन की आईएचआर आपातकालीन समिति ने 22 मई को रोग निगरानी को मजबूत करने के लिए अस्थायी सिफारिशें जारी कीं। इन सिफारिशों में बुंडिबुग्यो वायरस का पता चलने वाले क्षेत्रों से आने वाले बिना किसी स्पष्टीकरण के बुखार वाले यात्रियों का पता लगाना, उनका मूल्यांकन करना, रिपोर्ट करना और प्रबंधन करना शामिल है। इसके साथ ही बुंडिबुग्यो वायरस का पता लगने वाले क्षेत्रों में यात्रा को हतोत्साहित करने की भी सलाह दी गई है।
 

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा की सीमा से लगे देशों, जिनमें दक्षिण सूडान भी शामिल है, को रोग के संचरण का उच्च जोखिम वाला माना गया है। इबोला रोग वायरस के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से होने वाला एक वायरल रक्तस्रावी बुखार है। यह एक गंभीर बीमारी है जिसमें मृत्यु दर अधिक होती है। वर्तमान में, बुंडिबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण होने वाले इबोला रोग को रोकने या उसका इलाज करने के लिए कोई टीका या विशिष्ट उपचार स्वीकृत नहीं हैं।

भारत में कोई मामला नहीं
भारत में बुंडिबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण इबोला रोग का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और अन्य प्रभावित देशों के हालातों को देखते हुए और डब्ल्यूएचओ की सिफारिशों के अनुरूप, भारत सरकार ने सभी भारतीय नागरिकों को आगे की सूचना तक कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-आवश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: चप्पे-चप्पे पर पहरा: फलता विधानसभा में मतगणना शुरू, पुनर्मतदान के बाद अब परिणाम पर नजर

उन भारतीय नागरिकों को जो वर्तमान में इन देशों में रह रहे हैं या यात्रा कर रहे हैं, उन्हें स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने और अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें