भारत सरकार ने ई-वीजा धारक विदेशी नागरिकों के लिए देश में प्रवेश को आसान बनाने के लिए 11 नए अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स को अधिसूचित किया है। इनमें 9 लैंड पोर्ट्स और 2 हवाई अड्डे शामिल हैं। नए पोर्ट्स के जुड़ने के बाद ई-वीजा धारकों के लिए भारत में प्रवेश के अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स की कुल संख्या बढ़कर 88 हो गई है।
नए फैसले के बाद ई-वीजा से कहां-कहां प्रवेश मिलेगा?
नई व्यवस्था के तहत ई-वीजा धारक विदेशी नागरिक अब 37 हवाई अड्डों, 38 बंदरगाहों और 13 लैंड पोर्ट्स के जरिए भारत में प्रवेश कर सकेंगे। नए शामिल किए गए हवाई अड्डों में भोपाल और तिरुपति शामिल हैं। नए लैंड पोर्ट्स में अगरतला, दर्रांगा, गेड़े, घोजाडांगा, हरिदासपुर, जयगांव, डावकी, मोरेह और अटारी (रोड) को शामिल किया गया है।
सरकार ने ई-वीजा व्यवस्था को लेकर क्या कहा?
केंद्र सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले कुछ वर्षों में वीजा व्यवस्था को अधिक उदार, सरल और तकनीक आधारित बनाया गया है। इसका उद्देश्य वैध विदेशी यात्रियों को सुविधा देने के साथ देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना है। सरकार का कहना है कि नए पोर्ट्स के जुड़ने से ई-वीजा व्यवस्था की उपयोगिता और आकर्षण बढ़ेगा।
कितनी तेजी से निपटाए जा रहे हैं ई-वीजा आवेदन?
सरकार के मुताबिक, वर्तमान में भारत करीब 95 प्रतिशत ई-वीजा आवेदनों का निपटारा 72 घंटे से भी कम समय में कर देता है। इससे विदेशी यात्रियों को तेजी से यात्रा की अनुमति मिल रही है।
कितने देशों के नागरिकों को मिल रही ई-वीजा सुविधा?
भारत में ई-वीजा सुविधा की शुरुआत 2014 में 43 देशों के नागरिकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ईटीए) के साथ हुई थी। अब यह सुविधा बढ़कर 172 देशों के नागरिकों तक पहुंच गई है। सरकार के अनुसार, वर्तमान में जारी किए जाने वाले कुल वीजा में करीब 78 प्रतिशत हिस्सेदारी ई-वीजा की है।
ई-वीजा कितनी श्रेणियों में उपलब्ध है?
ई-वीजा सुविधा फिलहाल 17 अलग-अलग श्रेणियों में उपलब्ध है। इनमें पर्यटक, व्यवसाय, चिकित्सा, छात्र, ट्रांजिट, पर्वतारोहण और क्रूज यात्रियों के लिए ग्रुप विजिटर वीजा जैसी श्रेणियां शामिल हैं। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से पर्यटन, व्यापार, चिकित्सा यात्रा और अंतरराष्ट्रीय संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। विदेशी यात्रियों को भारत आने के लिए अधिक विकल्प और बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।