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Ethanol in Petrol: भारत ने पांच माह पहले हासिल किया पेट्रोल में 10 फीसदी एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य, 41500 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत

Mon, 06 Jun 2022 02:15 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली

सार

पीएम मोदी ने बताया कि साल 2014 में भारत में सिर्फ डेढ़ प्रतिशत इथेनॉल की पेट्रोल में ब्लेंडिंग होती थी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को हासिल करने से तीन फायदे हुए हैं। पहला इससे करीब 27 लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है। दूसरा,भारत को 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है और तीसरा देश के किसानों को इसकी वजह से 8 वर्षों में 40 हजार 600 करोड़ रुपये की आय हुई।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : Social media
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विस्तार
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भारत ने पेट्रोल में 10 फीसदी एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य तय समय से पांच महीने पहले ही हासिल कर लिया है। इससे न सिर्फ 41,500 करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई बल्कि ग्रीनहाउस उत्सर्जन (जीएचजी) में भी 27 लाख टन की कमी आई। खास बात है कि किसानों को भी 40,600 करोड़ रुपये से अधिक का तत्काल भुगतान किया गया। 

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दरअसल, सरकार ने नवंबर, 2022 तक गन्ने और अन्य कृषि जिंसों से निकाले गए एथेनॉल को पेट्रोल में 10 फीसदी मिलाने का लक्ष्य रखा था। इसे जून में ही हासिल कर लिया गया। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस लक्ष्य को पाने में सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की अहम भूमिका रही है। ये कंपनियां देशभर में पेट्रोल में औसतन 10 फीसदी एथेनॉल मिला रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रविवार को एक कार्यक्रम में इस उपलब्धि का जिक्र किया। कहा, आपको जानकर गर्व होगा कि पांच महीने पहले ही यह लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।

पीएम मोदी ने बताया कि साल 2014 में भारत में सिर्फ डेढ़ प्रतिशत इथेनॉल की पेट्रोल में ब्लेंडिंग (सम्मिश्रण) होती थी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को हासिल करने से तीन फायदे हुए हैं। पहला इससे करीब 27 लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है। दूसरा,भारत को 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है और तीसरा देश के किसानों को इसकी वजह से आठ वर्षों में 40 हजार 600 करोड़ रुपये की आय हुई।
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भारत पांचवां बड़ा एथेनॉल उत्पादक
बयान में कहा गया है कि भारत सरकार ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने, ईंधन के लिए आयात पर निर्भरता घटाने, विदेशी मुद्रा बचाने, पर्यावरणीय मुद्दों को हल करने और घरेलू कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम को बढ़ावा दे रही है। भारत दुनिया में अमेरिका, ब्राजील, यूरोपीय संघ और चीन के बाद एथेनॉल का पांचवां सबसे बड़ा उत्पादक है। दुनियाभर में बड़े पैमाने पर एथेनॉल का इस्तेमाल उपभोग के लिए किया जाता है। हालांकि, भारत और ब्राजील जैसे देश पेट्रोल में मिलावट के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। 

अगले साल अप्रैल से मिलने लगेगा मिश्रित पेट्रोल
तेल मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि 20 फीसदी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल अप्रैल, 2023 तक देश के चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध होगा। इसके बाद देश के अन्य हिस्सों में इसका विस्तार होगा। पेट्रोल में एथेनॉल मिलावट में बढ़ोतरी से दुनिया के तीसरे सबसे बड़ा तेल आयातक भारत में अक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। 

जल्द इथेनॉल से चलेंगे वाहन
हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऐसे संकेत दिए हैं कि देश में जल्द ही इथेनॉल से चलने वाले वाहन शुरू हो सकते हैं। इसके लिए वे  सरकार और कंपनियों के स्तर पर बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं।

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