कुंडा से निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया
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सपा सरकार में मंत्री रहे प्रतापगढ़ के कुंडा से निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने यूपी के लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच हुए गठबंधन पर सवाल उठाया है। उन्होंने लोकसभा उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी के समर्थन से सपा को कोई लाभ मिलने पर संदेह जताया है।
राजा भैया ने यह भी कहा कि वर्तमान में जमीनी हकीकत यह है कि गोरखपुर और फूलपुर में दोनों पार्टियों (सपा-बसपा) के कार्यकर्ता बिल्कुल भी एकजुट नहीं हैं। बता दें कि उन्होंने रविवार को अमेठी के गौरीगंज में एक निजी कार्यक्रम के दौरान यह बातें कही।
कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद संवादताओं से मुखातिब होते हुए राजा भैया ने सपा-बसपा गठबंधन पर कहा कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की वजह से ही बसपा के संस्थापक काशीराम पहली बार इटावा से लोकसभा पहुंचे थे। उस समय दोनों पार्टियां साथ में थी। लेकिन साल 1993 में यह गठबंधन टूटा गया था। उन्होंने कहा कि काशीराम को लोकसभा भेजने के बाद भी बसपा ने नेताजी को धोखा दिया था तो ऐसे में उन पर बहुत ज्यादा विश्वास नहीं करना चाहिए।
इस मौके पर राजा भैया ने बसपा मुखिया मायावती पर भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मायावती बिना किसी स्वार्थ के किसी को समर्थन दें, ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। उन्होंने कितनी ईमानदारी से लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी को अपना समर्थन दिया है यह तो 14 मार्च को आने वाले चुनावी नतीजों से सामने आ जाएगा।
इस कार्यक्रम में राजा भैया के पहुंचने पर उनकी अगवानी विधायक राकेश प्रताप सिंह, एमएलसी अक्षय प्रताप, जिला कोऑपरेटिव बैंक सुल्तानपुर के चैयरमैन धर्मेंद्र सिंह, पूर्व विधायक अभय सिंह समेत कई नेताओं ने की। वहीं मौके पर भारी संख्या में लोग राजा भइया के स्वागत में मौजूद रहे।