15 अगस्त 2017 को हम आजादी का 70वां जश्न मना रहे हैं। इन 70 सालों में दुनिया में बहुत कुछ बदला, जिसमें सबसे ज्यादा अगर कोई चीज बढ़ी है तो वह है भारत की साख। इन 70 सालों में भारत ने दुनिया में एक नया मुकाम हासिल किया है।
जिसे देखकर एक बार फिर भारत में सोने की चिड़िया का स्वरूप दिखाई देता है। ऐसा लगता है कि अब वो दिन दूर नहीं जब एक बार फिर भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा। ऐसा केवल हम नहीं कह रहे बल्कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, संसाधन और स्वरूप कह रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया को अपनी ताकत का अहसास करवाया है। फिर चाहे वो सैन्य क्षमता की बात हो या टेक्नॉलाजी की, उत्पादन की बात हो या निर्यात की, बाजार की बात हो या बढ़ती अर्थव्यवस्था की, हर जगह भारत ने अपना परचम लहराया है।
विश्व में लोहा मनवाती भारत की सैन्य क्षमता
भारत की सैन्य क्षमता का लोहा पूरी दुनिया मानती है। मौजूदा समय में भारत का सैन्य बजट 46 बिलियन डॉलर है। जिसे सेना की आधुनिक तकनीक को हासिल करने और उसे लगातार आक्रामक बनाने पर खर्च किया जाता है।
भारत के पास भारी मात्रा में बैलिस्टिक मिसाइल हैं जोकिसी भी आक्रमण का जवाब देने में सक्षम हैं। भारत के पास करीब 13 लाख 25 हजार सैनिक हैं। अगर इसमें रिजर्व और अर्द्धसैनिक बलों को जोड़ दिया जाए तो ये संख्या करीब 47 लाख 68 हजार है।
भारत के पास 6 हजार टैंक हैं जिसमें 4 हजार आर्मड कैरियर और बीएमपी मशीन हैं। इसके अलावा भारत के पास 7 हजार तोपें हैं। जिसमें बोफोर्स भी शामिल हैं। ये तोप दुश्मनों के पसीने को छुटाने के लिए काफी है। भारत के पास 1 लाख 20 हजार वायुसैनिक हैं और मिलिट्री विमानों का बड़ा जखीरा है।
भारत के पास 2 हजार लड़ाकू विमान भी हैं। इसके अलावा 600 जंगी हेलीकॉप्टर और 200 युद्धपोत हैं। भारत के पास दो नौसेना विमान-वाहक युद्धपोत भी हैं। जिनसे लड़ाकू विमान उड़ान भर सकते हैं। भारतीय नौसेना के पास 15 पनडुब्बियां भी हैं।
इसके अलावा भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी मारक मिसाइलेें हैं। जो दुश्मनों का सफाया करने के लिए काफी हैं। भारतीय सेना के पास ब्रह्मोस, अग्नि, पृथ्वी, आकाश, और नाग जैसी आधुनिक मिसाइलें हैं। भारत के पास सबसे घातक अग्नि 5 मिसाइल है। जिसकी मारक क्षमता 5 हजार किलोमीटर है।
भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में एक है। वल्र्ड बैंक ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कहा है कि नोटबंदी के प्रभाव से भारत बाहर आ गया है और 2017 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.2 प्रतिशत रहेगी। 2016 में भारत की जीडीपी 6.8 प्रतिशत थी।
वल्र्ड बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि मानसून की वजह से कृषि और ग्रामीण इलाकों में विकास होगा। नगदी संकट खत्म होने के साथी एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को लाभ होगा। अमेरिकी थिंक टैंक के मुताबिक आने वाले 5 सालों में भारत सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
दिसंबर 2016 में भारत ने ब्रिटेन को बढ़ती अर्थव्यवस्था के मामले में पीछे छोड़ा था। फोब्र्स के मुताबिक 2016 में ब्रिटेन की जीडीपी 1870 अरब डॉलर थी। वहीं भारत की जीडीपी 2300 अरब डॉलर थी। 150 सालों में पहली बार ऐसा हुआ था जब भारतीय अर्थव्यवस्था ने ब्रिटेन को पीछे छोड़ा था। हालांकि प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत अभी ब्रिटेन से पीछे है।
दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क में एक भारतीय रेलवे
भारतीय रेलवे विश्व का दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है। यह 160 सालों से ज्यादा समय से भारत का मुख्य परिवहन रहा है। भारतीय रेलवे में रिकॉर्ड 13 लाख से भी ज्यादा कर्मचारी हैं। जोकि विश्व के किसी भी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की संख्या से अधिक है।
भारतीय रेल की शुरुआत 16 अप्रैल 1853 को हुई थी। अगर आज भारतीय रेल की पटरियों को सीधा जोड़ देंं तो उनकी लंबाई पृथ्वी के आकार से भी 1.5 गुणा ज्यादा होगी। भारतीय रेल की वेबसाइट पर 12 लाख प्रति मिनट से ज्यादा हिट होते हैं। रेलवे पर लाखों साइबर हमले भी होते हैं लेकिन रेलवे की वेबसाइट कभी नहीं रुकती।
भारत में पहली रेल की पटरी दो भारतीयों ने ही बिछवाई थी। इन भारतीयों का नाम जगन्नाथ शंकरसेठ और जमशेदजी जीजीभाई था। भारतीय रेलवे में करीब 3 करोड़ लोग रोज यात्रा करते हैं जोकि ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या के लगभग बराबर है। छोटे-बड़े मिलाकर भारतीय रेलवे में लगभग 7 हजार 500 स्टेशन हैं।