अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वज फहराने के बाद युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि बेहतर अरुणाचल प्रदेश के अभी और मेहनत करनी होगी। आज से 25 वर्षों के बाद जब भारत अपनी आजादी के 100वें वर्ष का उत्सव मना रहा होगा, तब वे अरुणाचल प्रदेश को जहां पर देखना चाहते हैं, उसकी कल्पना करें।
उन्होंने ईटानगर में डेरा नाटुंग गवर्मेंट कॉलेज मैदान राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए कहा कि जब भारत अपनी आजादी के 100वे वर्ष का उत्सव मना रहा होगा और उसे प्राप्त करने के लिए अभी से काम शुरू करना होगा। खांडू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश और असम के बीच दशकों पुराने सीमा विवाद को सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए कार्य बेहतर तरीके से किया जा रहा है।
इस दौरान भारत को दुनिया का ड्रोन हब बनाने के लिए PM के विजन के मार्गदर्शन में ड्रोन सेवाएं शुरू की गईं। मुख्यमंत्री खांडू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश सरकार भी विश्व आर्थिक मंच के सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि, आपदा प्रबंधन में ड्रोन का उपयोग करने की पायलट परियोजना का संचालन करेगी। उन्होंने कहा कि ड्रोन सेवा की पहली उड़ान शुरू हुई। पूर्वी कामेंग जिले के सेप्पा से च्यांग ताजो तक के लिए 'आसमान से दवा' का सफल प्रक्षेपण किया गया।
उन्होंने कहा कि असम और अरुणाचल प्रदेश दोनों स्पष्ट इरादों के साथ काम कर रहे हैं और इस मुद्दे पर संपर्क कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा। हालिया नामसाई घोषणा इस दिशा में निर्णायक कदम है।
खांडू ने राज्य के लोगों से देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करते हुए एक बेहतर और उज्जवल अरुणाचल प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल @ 2047' के लिए हमारा दृष्टिकोण, जब हम अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष और अरुणाचल प्रदेश के नामकरण के 75 वर्ष मनाएंगे, छह स्तंभों में उच्चतम मानकों को प्राप्त करना है।