देश 15 अगस्त यानि आजादी का जश्न मनाने जा रहा है। आजादी मिले 71 साल पूरे हो चुके हैं और देश 72वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। आजादी के लिए लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना लहू बहाया और कुर्बान हो गए तब जाकर आज हम आजाद हवा में सांस ले पा रहे हैं। देश की सरहदों को महफूज रखने के लिए सेना के जांबाज जवान हर पल मुस्तैद रहते हैं। तब कहीं जाकर आजादी के मायने अपना अर्थ बरकरार रख पाते हैं।
वायुसेना देश की बहुमूल्य ताकत है। इस ताकत का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि भारत ने आज तक जितने भी युद्ध लड़ें हैं, उसमे भारतीय वायुसेना ने अहम भूमिका निभाई है। भारतीय वायुसेना की ताकत का जौहर पूरी दुनिया को पता है। आइए जानते हैं वायुसेना के बारे में कुछ दिलचस्प बातें:
* भारतीय वायु सेना का आधिकारिक तौर पर गठन 08 अक्टूबर 1932 को हुआ था।
* भारतीय वायुसेना के विमान ने पहली उड़ान 01 अप्रैल 1933 को भरी थी। तब इसकी नफरी पर ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स द्वारा प्रशिक्षित छह अफसर और 19 हवाई सिपाही थे।
* भारतीय वायुसेना ने 1939 में शुरु हुए द्वितीय विश्वयुद्ध में भी हिस्सा लिया और अपना अदम्य साहस दिखाकर भारत की शान बढ़ाई।
* दूसरे विश्व युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना को रॉयल एयरफोर्स ऑफ ब्रिटेन के नाम से जाना जाता था, जब उन्होंने बर्मा में जापानी फौज के कदम रोक दिए थे।
* वायुसेना हर साल 2,40,000 Flying Hours निकालती है।
* भारतीय वायुसेना में 1,50,840 कर्मचारी काम करते हैं।
* वायुसेना में अभी 1,467 विमान सेवा में हैं।
* भारतीय वायुसेना के पास 616 लड़ाकू विमान, 359 हेलीकॉप्टर, 33 अटैक हेलीकॉप्टर और 182 ट्रेनर एयरक्राफ्ट है।
* वायुसेना ने कारगिल जंग के दौरान हिमालय में 14 से 18 हजार फुट की ऊंचाई पर दुश्मनों को मार गिराया।
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इंडियन एयरफोर्स राडार अपग्रेडेशन सिस्टम
चौथे नंबर की वायुसेना
भारतीय वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे अच्छी ऑपरेशनल एयरफोर्स मानी जाती है। भारत से पहले केवल अमेरिका, रूस और चीन की वायुसेना का नंबर आता हैं। इंडियन एयरफोर्स की ताकत की बात करें तो भारत पाकिस्तान से दोगुना ज्यादा ताकतवर है। 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध में वायु सेना ने विशेष भूमिका निभाई थी।
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सुखोई एमकेआई-30
- फोटो : Wikepedia
सुखोई एमकेआई-30
भारतीय वायुसेना के पास सुखोई एमकेआई-30 बड़ी ताकतों में एक है। इसे यूरोफाइटर टायफून, डसॉल्ट राफेल और अमेरिका के बेस्ट एफ सीरिज के फाइटर जेट्स की बराबरी मिली है। इस एयरक्राफ्ट मे अलग अलग तरह के बम तथा प्रक्षेपास्त्र ले जाने के लिये १२ स्थान है। यह विमान हवा में ईन्धन भर सकता है। इसमें 3000 किमी की दूरी तक जा कर हमला करने की क्षमता है।
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IAF Globe Master
बोईंग सी-17
बोईंग सी-17 भारतीय वायुसेना को पहला भारी सैन्य साजो सामान ले जाने में सक्षम रणनीतिक परिवहन विमान है। यह विमान 70 टन का माल लेकर उड़ान भर सकता है। इसी विमान में वायुसेना ने यमन में फंसे लोगों को भारत लाया गया था।
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वायुसेना के लड़ाकू विमान
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tejas
- फोटो : PTI
तेजस
भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल तेजस वायुसेना के सबसे हल्के लड़ाकू विमानों में से एक है । ये विमान 1850 किमी की रफ्तार से उड़ सकता है और ये समंदर के ऊपर, राजस्थान के रेगिस्तान में कश्मीर और उत्तर-पूर्व के पर्वतीय इलाकों में भारत के सामने आने वाली हर चुनौती का माकूल जवाब देने की ताकत से लैस है।
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भारतीय वायुसेना का मिग-21 विमान
- फोटो : File Photo
मिग-29
भारतीय वायुसेना का ये लड़ाकू विमान 65000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ सकता है । 2400 किमी की रफ्तार से उड़ने वाला ये लड़ाकू विमान एक बार में 1450 किमी की दूरी तक जाकर हमला कर सकता है । भारतीय वायुसेना के इस विमान को सेना के सबसे हाइटेक सुपरसोनिक विमानों में से एक माना जाता है।
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सेपेकैट जगुआर
सेपेकैट जगुआर
भारतीय वायुसेना के इस हाइटेक विमान से 36500 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरी जा सकती है । 1700 किमी प्रतिघंटे की तेज रफ्तार उड़ने वाला ये विमान एक बार में 925 किमी की दूरी पर दुश्मन को नेस्तनाबूत कर सकता है।
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Indian Air Force
सी-17 ग्लोबमास्टर
ग्लोबमास्टर कारगिल, लद्दाख और अन्य उत्तरी और उत्तर पूर्वी सीमाओं पर यह आसानी से उतर सकता है। सीमा के अलावा देश में कहीं भी आपात काल जैसी स्थिति बनने पर यह अपनी ताकत दिखाएगा। ग्लोबमास्टर सामान्य स्थिति में 3500 फीट की हवाई पट्टी पर लैंड कर सकता है । सी-17 ग्लोबमास्टर 150 से अधिक जवानों को एक साथ ले जाने में सक्षम है। साथ ही ये एक साथ 03 हेलीकॉप्टरों या दो ट्रकों को एयरलिफ्ट करने की ताकत भी रखता है।
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- फोटो : File Photo
रफेल
जल्द ही फ्रांस से हमें 36 रफेल लड़ाकू विमान मिलेंगे। राफेल सिर्फ एक मिनट में 60 हज़ार फुट की ऊंचाई तक जाने में सक्षम है, वहीं इसकी मारक क्षमता करीब 3700 किलोमीटर है और यह 2200 से 2500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़ सकता है। राफेल लड़ाकू विमानों की सबसे खास बात यह है कि इसमें नए दौर की दृश्य से ओझल होने में सक्षम ‘मिटिअर’ मिसाइल और इजराइली प्रणाली भी है।
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Apache Helicopters
अपाचे
भारतीय सेना में शामिल होने वाला नया जंगी जहाज (हेलीकॉप्टर) अपाचे अनूठी और अपार युद्धक क्षमताओं से लैस है। अमेरिकी सरकार भारत को छह अपाचे एएच-64ई हेलीकॉप्टर बेचने की मंजूरी पिछले महीने ही दे चुकी है। अपाचे की खासियतें साबित करती हैं कि भारतीय सेना के लिए यह हेलीकॉप्टर कितना और क्यों जरूरी है।
* इसकी अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा है जिसे रडार से पकड़ना बेहद मुश्किल है।
* इसमें 16 एंटी टैंक मिसाइल छोड़ने की क्षमता। हेलीकॉप्टर के नीचे लगी राइफल में एक बार में 30 एमएम की 1,200 गोलियां भरी जा सकती हैं।
* नाइट विजन सिस्टम की मदद से रात में भी दुश्मनों की टोह लेने, हवा से जमीन पर मार करने वाले रॉकेट दागने और मिसाइल आदि ढोने में सक्षम।
* अपाचे दुनिया के उन चुनिंदा हेलीकॉप्टर्स में शामिल है जो किसी भी मौसम या किसी भी स्थिति में दुश्मन पर हमला कर सकता है।
1971 में भारत और पकिस्तान के बीच जंग छिड़ी थी। जमीन पर पाकिस्तानी सेना के जवानों के साथ भारतीय थलसेना दो-दो हाथ कर रही थी। लेकिन उस युद्ध में भारतीय वायुसेना ने भी विशेष भूमिका निभाई थी। उस समय भारतीय वायुसेना के पास रात में उड़ान भरने वाले विमान नहीं थे। बावजूद इसके इंडियन एयरफोर्स की मदद से सेना ने पाकिस्तान को धूल चटाई। इसके अलावा चीन के साथ एक युद्ध में भी एयरफोर्स ने अपना योगदान दिया था।