आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से सभी देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान वहां काफी गर्मी भी देखने को मिली। जिससे बचने के लिए कई गणमान्य लोगों ने आदिवासी शिल्पकारों के हाथों से बने पंखों का इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने संबोधन के दौरान कई बार रूमाल से चेहरा पोछते दिखाई दिए।
महली जाति ने बनाए हैं पंखे
यह पंखे पश्चिम बंगाल की महली जाति के कारिगरों द्वारा बनाए गए। बांस के पंखे मंत्रियों, सांसदों, राजनयिकों और अन्य वीवीआईपी सहित आमंत्रित लोगों को दिए गए थे।
TRIFED से लिए गए एक हजार पंखे
रक्षा मंत्रालय ने जनजातीय उत्पादों को लोकप्रिय बनाने के सरकार के प्रयासों के तहत करीब एक हजार पंखे जनजातीय मामलों के मंत्रालय की एजेंसी (भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ लिमिटेड) TRIFED से लिए थे। ये एजेंसी जनजातीय उत्पादों को लोकप्रिय बनाने के लिए जनजातीय मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करती है।