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Jan Aushadhi: जन औषधि दवाओं पर बढ़ा लोगों का भरोसा, 12 से 1236 करोड़ पहुंचा कारोबार

Fri, 16 Jun 2023 06:01 AM IST
वीरेंद्र शर्मा परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत दुकानदारों को उनकी कुल बिक्री का 20 फीसदी मुनाफा अलग से दिया जाता है। इस हिसाब से 2022 में दुकानदारों को करीब 247 करोड़ रुपये की कमाई हुई है।
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जन औषधि केंद्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश में सस्ती यानी जन औषधि दवाओं पर लोगों का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है। इसका फायदा न सिर्फ मरीज उठा रहे हैं बल्कि दुकानदार से लेकर सरकार तक को खासा फायदा हो रहा है। बीते साल के आंकड़े देखें तो जन औषधि के जरिये देश में दुकानदारों ने 247 करोड़ रुपये अतिरिक्त कमाएं हैं। करीब आठ साल पहले यह मुनाफा करीब दो करोड़ था, लेकिन अब इसमें 103 गुना की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान सालाना कारोबार भी 12 से बढ़कर 1236 करोड़ तक पहुंचा है।
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प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत दुकानदारों को उनकी कुल बिक्री का 20 फीसदी मुनाफा अलग से दिया जाता है। इस हिसाब से 2022 में दुकानदारों को करीब 247 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। अगर मरीजों के फायदे की बात करें तो 2021-22 में करीब 850 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ तब सरकार ने कहा कि जेनेरिक दवाओं के जरिए मरीजों को तकरीबन 4500 करोड़ रुपये की बचत हुई है। लेकिन साल 2022 में यह कारोबार 1200 करोड़ से ज्यादा हुआ है। इसके हिसाब से मरीजों की बचत अब बढ़कर सात हजार करोड़ रुपये तक होने का अनुमान है।

यूपी में सर्वाधिक दुकानें
पीएमबीजेपी के अनुसार, देश में इस समय 9484 जन औषधि केंद्र हैं और सरकार इसी साल दिसंबर माह तक इनकी संख्या 10 हजार से अधिक करने जा रही है। मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश 1410 और कर्नाटक में 1076 जन औषधि केंद्र हैं। इनके अलावा दिल्ली में 395, पंजाब में 319, हरियाणा में 256, जम्मू कश्मीर में 226, उत्तराखंड में 224, हिमाचल प्रदेश में 61 और चंडीगढ़ में 11 केंद्र हैं।
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10 लाख से अधिक लोग प्रतिदिन खरीद रहे दवा
पीएमबीजेपी के सीईओ रवि दधीचि ने बताया कि देश के 756 में से 651 जिलों में मौजूद 9484 जन औषधि केंद्रों पर हर दिन 10 लाख से अधिक लोग दवाएं खरीद रहे हैं जिन्हें ब्रांडेड की तुलना में पांच से छह गुना सस्ती दवाएं मिल रही हैं। प्रति माह इन केंद्रों को मिलाकर करीब 120 करोड़ रुपये का कारोबार किया जा रहा है।

कैंसर दवा ट्रैस्टुजुमाब की कीमत 54 हजार से 15,749 रुपये हुई
नई दिल्ली। ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने बृहस्पतिपार को कहा कि उसने स्तन कैंसर की दवा ट्रैस्टुजुमाब (ब्रांड ट्रूमैब) की कीमत 54,000 रुपये से घटाकर प्रति 440 मिलीग्राम, 15,749 रुपये कर दी है।
ट्रैस्टुजुमाब का इस्तेमाल एक खास तरह के स्तन कैंसर (एचईआर2-पॉजिटिव) के उपचार में किया जाता है। भारत में यह दवा ट्रूमैब के नाम से उपलब्ध कराई जा रही है। ग्लेनमार्क के बयान के मुताबिक, ट्रैस्टुजुमाब के दामों में कटौती से अब इसकी प्रति मिलीग्राम कीमत 35 रुपये होगी। कीमत में कटौती से देश में एचईआर2-पॉजिटिव स्तन कैंसर के रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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