आयकर विभाग ने चेन्नई के जाने माने कारोबारी समूह के 11 ठिकानों पर छापा मारा, जिसमें 220 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है। यह समूह टाइल्स और सैनेटरी वेयर का कारोबार करता है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बताया, विभाग ने 26 फरवरी को तमिलनाडु, गुजरात और कोलकाता में 20 जगहों पर छापा मारा था। इस दौरान 8.30 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए।
सीबीडीटी ने बताया, तलाशी अभियान में टाइल्स की बिक्री और खरीद के गैर हिसाब मामलों का पता चला है। लेनदेन के कई दस्तावेज मिले हैं, जो क्लाउड से संचालित सॉफ्टवेयर पर दर्ज थे। समूह की करीब 50 फीसदी लेनदेन को बहीखाते से अलग रखा गया है।
पिछले टर्न ओवर को ध्यान में रखकर किए गए आंकलन के मुताबिक तकरीबन 120 करोड़ रुपये की आय को छुपाया गया है। यह 100 करोड़ की अघोषित आय के अतिरिक्त है, जिसे समूह ने मुखौटा कंपनियों के जरिये शेयर प्रीमियम के रूप में दिखाया था।
विभाग जांच कर रहा है कि कहीं इन पैसों का दुरुपयोग आगामी विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए तो नहीं किया जा रहा है। आयकर विभाग तमिलनाडु और पुडुचेरी में बेहिसाब आय के स्रोत और इसके प्रवाह भी नजर रख रहा है।