देश की प्रमुख बुनियादी ढांचा कंपनियों के ठिकानों पर आयकर छापों में विभाग को 2 हजार करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है। आयकर विभाग ने बृहस्पतिवार को बताया कि अधिकारियों ने छह फरवरी को राजधानी दिल्ली समेत हैदराबाद, विजयवाड़ा, कडप्पा, विशाखापट्टनम और पुणे में स्थित 40 से अधिक परिसरों में छापा मारकर इस रकम का पता लगाया है।
आयकर अधिकारियों ने इनके यहां से 85 लाख की नकदी और 71 लाख रुपये के जेवर जब्त किए हैं। कंपनी के पास इनका कोई लिखित हिसाब नहीं था। 25 बैंक लॉकरों को भी सील किया गया है। इस कार्रवाई में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के तीन प्रमुख बुनियादी ढांचा समूह शामिल हैं। सीबीडीटी ने बयान जारी कर बताया कि आयकर की जांच में फर्जी उप ठेकेदारों, अति चालान और फर्जी बिलिंग के जरिये नकदी सृजन करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ था।
छापामारी में पता चला कि इन बुनियादी ढांचा कंपनियों ने कई ऐसी फर्जी संस्थाओं के साथ अनुबंध दिखाया था जो दरअसल वजूद में ही नहीं थीं। विभाग ने शुरुआती जांच में 2 हजार करोड़ रुपये की हेराफेरी का अनुमान लगाया है। आयकर विभाग ने छापों के दौरान कई गुप्त दस्तावेज, ई मेल, व्हाट्सएप मैसेज और अस्पष्ट विदेशी लेनदेन की जानकारी जब्त की है।