आयकर विभाग ने जयपुर में दो दिन पहले एक सर्राफा फर्म व दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के 31 ठिकानों पर छापे मारकर व सर्वे अभियान चलाकर 1400 करोड़ रुपये से ज्यादा की अघोषित कमाई पकड़ी है। तीनों के ही यहां अपने मुख्य व्यापार के अलावा बड़े पैमाने पर नकद कर्ज देकर सूद के जरिये कमाई करने के भी सबूत मिले हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के मुताबिक, जयपुर में 19 जनवरी को 20 जगह छापे मारने के साथ ही 11 जगह सर्वे अभियान चलाया गया। इस दौरान शहर के सबसे नामी कॉलोनी निर्माता के यहां पिछले 6-7 साल के दौरान करीब 650 करोड़ रुपये की अघोषित आय के दस्तावेज व डिजिटल सबूत मिले।
सर्राफा फर्म के यहां करीब 122.67 करोड़ रुपये के नकद कर्ज देने समेत कुल 525 करोड़ रुपये की अघोषित आय के सबूत मिले हैं। सर्राफा फर्म अपनी अघोषित आय को कर्मचारियों के बैंक खातों के जरिये इधर से उधर घुमा रही थी।
कामर्शियल सेंटरों का निर्माण करने वाले दूसरे रियल एस्टेट समूह के यहां 19 करोड़ रुपये सूद पर देने के अलावा कुल 225 करोड़ रुपये की अघोषित आय के दस्तावेज जब्त किए गए हैं। कंपनी के एक ठिकाने पर गोपनीय चैंबर से 15 करोड़ की बेनामी संपत्ति के भी दस्तावेज मिले हैं।
ठाणे में आयकर विभाग को मिली 520 करोड़ की कमाई
सीबीडीटी ने बताया कि महाराष्ट्र के ठाणे में भी 12 जनवरी को एक नामी बिल्डर समूह के बोरीवली, मीरा रोड और भयंदर इलाकों में मौजूद ठिकानों पर छापे मारकर 10.16 करोड़ की बेनामी नकदी जब्त की गई थी। साथ ही कुल 520.56 करोड़ रुपये की अघोषित आय के सबूत जुटाए गए हैं। बिल्डर के बेनामी लॉकरों की तलाशी अभी ली जानी बाकी है। बिल्डर ने 514.84 करोड़ रुपये पर आयकर भरने की सहमति भी दे दी है।