इन्कम टैक्स विभाग सरकार की इन्कम डिक्लेयरेशन स्कीम (आईडीएस) को सफल बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। सरकार की आईडीएस स्कीम 30 सिंतबर को बंद हो रही है। काले धन का पता लगाने के लिए छोटा-मोटा काम करने वालों और सड़क किनारे खाने का सामान बेचने वालों की भी टैक्स अधिकारी जांच कर रहे हैं।
अधिकारियों ने मुंबई में ठाणे के वड़ा पाव सेंटर, घाटकोपर के एक डोसा सेंटर, अंधेरी के एक सैंडविच सेंटर के अलावा सउथ मुंबई में जलीबेवाले के साथ ही लगभग खाने-पीने की 50 जगहों पर छापा मारा और मालिकों से आईडीएस के तहत काला धन घोषित करने के लिए कहा। अहमदाबाद, दिल्ली और कोलकाता में भी करीब 100 दुकानदारों पर इसी तरह का छापा मारा गया या सर्वे की कार्रवाई की गई।
पिछले छह महीनों में टैक्स विभाग द्वारा जुटाई गई जानकारी के आधार पर ही छापे में जा रहे हैं। इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक एक टैक्स अधिकारी ने बताया कि सरकार ने लगभग एक लाख छोटे कारोबारियों और दुकानदारों की पहचान की है जिन पर टैक्स चोरी का शक है। सरकार ने हर शहर के लिए टार्गेट तय किया है।