आयकर विभाग ने खनन और होटल इंडस्ट्री से जुड़े एक कारोबारी और एक बड़े सहकारी बैंक के चेयरमैन के खिलाफ उत्तर प्रदेश और बिहार में कई ठिकानों पर छापा मारा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सीबीडीटी ने कहा कि खुफिया सूचना मिलने के आधार पर मंगलवार को पटना, सासाराम और वाराणसी में छापा मारा गया। इस दौरान 1.25 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए जबकि 6 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदों को ‘निषेधात्मक आदेशों’ के तहत रखा गया है।
कारोबारी की कार से 75 लाख रुपये मिले। जांच में पता चला कि इस रकम का कोई हिसाब नहीं था और इसका लिंक एक सहकारी बैंक के चेयरमैन से मिला। बेहिसाब नकद और नकद लेनदेन से संबंधित दस्तावेज को बरामद कर जब्त कर लिया। इन लेनदेन को आयकर रिटर्न में नहीं दिखाया गया है।
सीबीडीटी ने जिन लोगों के यहां छापे की कार्रवाई की गई, उनकी पहचान उजागर नहीं की। हालांकि सूत्रों का कहना है कि कारोबारी का बिहार के एक राजनीतिक दल से संबंध है। राज्य में 28 अक्तूबर से तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं और मतगणना 10 नवंबर को होगी। बोर्ड का कहना है कि घरों, एक होटल और विभिन्न वाहनों में किए गए निवेश के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच की जा रहा है। कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेज से खुलासा हुआ है कि समूह द्वारा पत्थरों की बेहिसाब और अवैध खनन भी की गई। बही खातों में करोड़ों के क्रेडिट दर्ज हैं जिनकी हकीकत की जांच की जा रही है।