सीबीडीटी ने एक बयान में कहा कि जब्त किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि समूह विभिन्न तरीकों को अपनाकर बड़े पैमाने पर कर चोरी में लगा हुआ है, जिसमें खाते की किताबों के बाहर बेहिसाब खरीद, नकद बिक्री, बिक्री के चालान और फर्जी बुकिंग शामिल है।
आयकर विभाग ने गुजरात के एक कारोबारी समूह पर 300 करोड़ के फर्जी लेनदेन का पता लगाया है। सीबीडीटी ने मंगलवार को कहा कि आयकर विभाग ने इस महीने की शुरुआत में इस समूह पर छापेमारी की थी, जिसके बाद कर चोरी का मामला सामने आया है। कारोबारी समूह सिरेमिक टाइलों के कारोबार से जुड़ा है।
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36 ठिकानों पर छापेमारी
आयकर विभाग ने समूह पर 9 अगस्त को तलाशी शुरू की थी और उसके राजकोट, मोरबी, अहमदाबाद, रायपुर, गुवाहाटी, गुरुग्राम और कोलकाता में फैले 36 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान विभाग ने कई तरह के दस्तावेज भी जब्त किए थे।
बड़े पैमाने पर कर चोरी में लगा हुआ है समूह
सीबीडीटी ने एक बयान में कहा कि जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की सभी प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चलता है कि समूह विभिन्न तरीकों को अपनाकर बड़े पैमाने पर कर चोरी में लगा हुआ है, जिसमें खाते की किताबों के बाहर बेहिसाब खरीद, नकद बिक्री, बिक्री के चालान और फर्जी बुकिंग शामिल है। बता दें कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) आयकर विभाग का प्रशासनिक प्राधिकरण है।
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हवाला का उपयोग करके पैसा इधर-उधर किया
बयान में कहा गया है कि कारोबारी समूह को ने फर्जी तरह से लोन भी लिया है साथ ही कोलकाता की मुखौटा कंपनियों से शेयर पूंजी के जरिए बेहिसाब रकम कमाई है। वहीं दस्तावेजों से पता चलता है कि समूह हवाला का उपयोग करके पैसा इधर-उधर करता आया है।
अब तक 300 करोड़ के फर्जी लेनदेन
बयान में कहा गया है कि अब तक की गई तलाशी कार्रवाई में 300 करोड़ रुपये से अधिक के बेहिसाबी लेनदेन का पता चला है, जिसमें 100 करोड़ रुपये से अधिक के नकद ऋण भी शामिल हैं।