आयकर विभाग बंगलूरू में रहने वाले एक ऑटो ड्राइवर की आय के स्रोतों के बारे में जानकारी जुटा रहा है जो व्हाइटफील्ड हाई सोसाइटी में 1.6 करोड़ रुपये के विला में रहता है। इस ड्राइवर का नाम नल्लूरल्ली सुब्रामनी है। हालांकि वह इसे अपने एक यात्री द्वारा दिया गया ईनाम बताता है।
आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 37 साल का ऑटो ड्राइवर पर लोकसभा चुनावों के मद्देनजर मध्य अप्रैल से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारी ने कहा,
हमने उन स्रोतों को शॉर्टलिस्ट किया है जहां से चुनाव के दौरान बेहिसाब धन आ सकता है। जैसे ही यह मामला हम तक पहुंचा हमने निर्णय लिया कि महादेवपुर के जट्टी द्वाराकमई में स्थित व्हाइटफील्ड उसकी संपत्ति की छानबीन की।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने कहा कि जांच चल रही है और बेनामी संपत्ति लेनदेन अधिनियम, 1988 के अंतर्गत एक नोटिस जारी किया गया है। कालोनी के डेवलपर से जानकारी जुटाई जा रही है जिसमें 15 विला शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'हालांकि संपत्ति के कागज दिखाते हैं कि यह बेनामी संपत्ति नहीं है क्योंकि उसके पास सभी प्रमाण मौजूद हैं।'
पड़ोसियों के अनुसार सुब्रामनी एक आलीशान जिंदगी जीते हैं और ऑटोरिक्शा चलाना बंद कर दिया है। एक पड़ोसी ने कहा, 'वह अमूमन अपने घर में मनोरंजक गतिविधियां करते रहते हैं और रोज शाम को दोस्तों के साथ पार्टी करते हैं।' दूसरे ने सुझाया कि उसके शीर्ष राजनेताओं के साथ अच्छे संपर्क हैं।
सुब्रामनी से नाम जुड़ने पर कर्नाटक भाजपा के महासचिव और महादेवपुर से विधायक अरविंद लिंबावली ने कहा कि उनका ऑटो ड्राइवर से कोई निजी संपर्क नहीं है और वह पार्टी का सदस्य भी नहीं है। फेसबुक लाइव में पूर्व मंत्री ने कहा, 'कृपया मुझे इस तरह की शर्मिंदगी से दूर रखें।'
उन्होंने कहा कि आरोपी ने उनके साथ बहुत समय पहले एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था लेकिन उसके आधार पर आरोप नहीं लगाने चाहिए। उन्होंने आरोपी के दोषी पाए जाने पर आयकर विभाग से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
सुब्रामनी ने अपनी आय को एक विदेशी की देन बताया है जो उसकी ऑटोरिक्शा सेवा लिया करता था। उसका दावा है कि महिला ने उसकी आर्थिक परिस्थिति जानने के बाद उसकी जीवनशैली बदलने का ऑफर दिया। महिला ने उसे उधार के तौर पर ब्याजमुक्त राशि देनी शुरू कर दी ताकि वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे सके।