देश में चल रहे नकद धन की कमी के संकट के बीच आयकर विभाग (आईटी) ने अलग-अलग प्रदेशों में कई जगह पर छापेमारी करते हुए छिपाकर रखी गई 14.48 करोड़ रुपये की नकदी पकड़ी है। छापेमारी में चुनावी दौर से गुजर रहा कर्नाटक भी शामिल है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि नकदी संकट पैदा करने के लिए धन की जमाखोरी की जा रही है।
एक वरिष्ठ आईटी अधिकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान पकड़े गए 14.48 करोड़ रुपये को जब्त कर लिया गया है। इसमें अधिकतर नोट 2000 और 500 के हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह चलाए गए छापेमारी अभियान के कुछ स्थानों की जानकारी देते हुए बताया कि कर्नाटक में एक मशहूर पीडब्ल्यूडी ठेकेदार के यहां छापेमारी की गई, जिसे इस साल जनवरी से मार्च के बीच अधिकतर ठेके दिए गए हैं।
क्यों हुई कार्रवाई
आयकर विभाग की नीतियां तय करने वाले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने पिछले दिनों देश में छाए नकदी संकट के बाद अलर्ट जारी किया था। बहुत सारे स्थानों पर एटीएम खाली हो जाने की घटना के बाद सीबीडीटी के निर्देश पर आयकर विभाग की जांच शाखा ने नकदी की जमाखोरी जांचना शुरू किया है।
किस राज्य में क्या हाल
कर्नाटक
6.76 करोड़ रुपये की नकदी कर्नाटक के बेनामी बैंक लॉकरों से पकड़ी गई
12 से ज्यादा मैसूर व बेंगलूरु के ठेकेदार आए कार्रवाई के दायरे में
कई स्थानों पर अकाउंट बुक निर्धारित तरीके से व्यवस्थित नहीं थीं
10.62 करोड़ रुपये चुनाव की घोषणा से अब तक जब्त हुए हैं कर्नाटक में
1.33 करोड़ रुपये के जेवरात भी जब्त किए छापेमारी के दौरान राज्य में
हैदराबाद
5.10 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी जब्त की गई इस रीजन में
02 रियल एस्टेट से जुड़े व्यापारियों के यहां हुई छापेमारी
2000 के निकले इन 5.10 करोड़ रुपये में अधिकतर नोट
पंजाब
खन्ना जिले में एक पशु आहार बनाने वाले समूह के यहां छापेमारी
66.49 लाख रुपये के जेवरात व सोना-चांदी की ईंट समेत 2.62 करोड़ रुपये जब्त
ये समूह नकदी में खरीद-बिक्री कर बहुत कम मुनाफा अकाउंट बुक में दर्ज कर रहा था
05 बैंक लॉकर अब भी आयकर विभाग ने जब्त कर सील करा दिए हैं, जिनका खोला जाना बाकी है