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Income Tax Bill 2025: आयकर विधेयक की जांच शुरू, छह और सात मार्च को बैठक करेगी संसदीय सेलेक्ट समिति

Thu, 27 Feb 2025 05:39 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संसद के बजट सत्र में पेश किए गए नए आयकर विधेयक की जांच संसदीय सेलेक्ट समिति ने शुरू कर दी है। समिति ने छह और सात मार्च को बैठक  बुलाई है। इस दौरान समिति को विभिन्न औद्योगिक और वित्तीय संगठनों के प्रतिनिधि विधेयक को लेकर सुझाव देंगे। 
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सेलेक्ट समिति के अध्यक्ष बैजयंत पांडा - फोटो : X @PandaJay
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विस्तार
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संसद के बजट सत्र में पेश किए गए नए आयकर विधेयक की जांच संसदीय सेलेक्ट समिति ने शुरू कर दी है। समिति ने छह और सात मार्च को बैठक  बुलाई है। इस दौरान समिति को विभिन्न औद्योगिक और वित्तीय संगठनों के प्रतिनिधि विधेयक को लेकर सुझाव देंगे। 

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समिति ने 6 मार्च 2025 को इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के प्रतिनिधियों और अर्न्स्ट एंड यंग (ईवाई) के प्रतिनिधियों को मौखिक सुझाव दर्ज कराने के लिए बुलाया है। वहीं सात मार्च 2025 को फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) के प्रतिनिधि और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के प्रतिनिधि समिति के समक्ष अपने सुझाव रखेंगे।  

बैजयंत पांडा हैं समिति के अध्यक्ष
नए आयकर बिल के प्रावधान और कानून में होने वाले बदलावों की जांच करने वाली समिति के अध्यक्ष भाजपा सांसद बैजयंत पांडा हैं। इसके अलावा समिति में डॉ. निशिकांत दुबे, जगदीश शेट्टर, सुधीर गुप्ता, अनिल बलूनी, राजू बिस्टा, एटाला राजेंद्र, विष्णु दयाल राम, मुकेशकुमार चंद्रकांत दलाल, पीपी चौधरी, शशांक मणि, भर्तहरि मेहताब, नवीन जिंदल, अनुराग शर्मा, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, बेनी बेहनन, विजय कुमार उर्फ विजय वसंथ, डॉ. अमर सिंह, वकील गोवाल के पाडवी, मोहम्मद रकीबुल हुसैन, लालजी वर्मा, वकील प्रिया सरोज, महुआ मोइत्रा, डॉ. कलानिधि वीरस्वामी, डग्गुमल्ला प्रसाद राव, कौशलेंद्र कुमार, अरविंद गनपत सावंत, सुप्रिया सुले, रविंद्र दत्ताराम वैकर, एनके प्रेमचंद्रन, वी. रिचर्ड शामिल हैं। 
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जानें क्या है नए आयकर विधेयक में 
बता दें कि नए आयकर विधेयक में कर निर्धारण (AY) और वित्तीय वर्ष (FY) जैसी शब्दावली को आसानी से समझ में आने वाले 'कर वर्ष' (TY) से बदला गया है। इस विधेयक में आयकर की भाषा को सरल बनाने के साथ-साथ गैरजरूरी प्रावधानों और स्पष्टीकरणों को भी हटाने का प्रस्ताव है। नया विधेयक 622 पन्नों का है और इसमें 536 धाराएं, 23 अध्याय और 16 अनुसूचियां हैं। यह विधेयक नए करों का प्रस्ताव नहीं करता है, बल्कि मौजूदा आयकर अधिनियम 1961 की भाषा को आसान बनाता है, जिसमें 298 धाराएं और 14 अनुसूचियां हैं। 
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