कांग्रेस नेता उदित राज ने INDIA गठबंधन की रणनीति पर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लिया है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार की उपेक्षा के कारण विपक्षी एकता कमजोर हुई और भाजपा को राजनीतिक लाभ मिला, जिससे नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। पढ़ें पूरी खबर...
विपक्षी गठबंधन (इंडिया गठबंधन) के भीतर की खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच कांग्रेस नेता उदित राज ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, इन दोनों नेताओं के फैसलों की वजह से ही नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने में सफल रहे।
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क्या बोले कांग्रेस नेता?
कांग्रेस नेता उदित राज ने दोनों नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे देश का दौरा करके विपक्षी एकता का माहौल तैयार किया था। उन्होंने ही पटना में विपक्षी दलों की पहली बड़ी बैठक बुलाई थी। लेकिन गठबंधन की बैठकों के दौरान ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल ने नीतीश कुमार को संयोजक बनाने के प्रस्ताव में अड़ंगा डाल दिया। इसी उपेक्षा से नाराज होकर नीतीश कुमार ने गठबंधन का साथ छोड़ दिया और वापस एनडीए में शामिल हो गए।
अगर नीतीश कुमार गठबंधन से अलग नहीं होते, तो लोकसभा चुनाव में भाजपा की सीटें 150 से भी कम रह सकती थीं। लेकिन ममता और केजरीवाल की प्राथमिकता भाजपा को हराने के बजाय राहुल गांधी के बढ़ते प्रभाव को रोकना था। आज हालात सबके सामने हैं। राहुल गांधी का कद और मजबूत हुआ है, जबकि इन दोनों नेताओं को अपनी गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
अब यह सलाह दी जा रही है कि ममता बनर्जी को ईमानदारी के साथ गठबंधन का धर्म निभाना चाहिए। उन्हें अपनी पार्टी के विलय जैसे बड़े कदम पर भी विचार करना चाहिए, हालांकि यह पूरी तरह से उनका निजी फैसला होगा। राजनीति में यह कहावत सच साबित हो रही है कि 'जैसा बोओगे, वैसा काटोगे।'
आठ तारीख को हुई थी इंडिया अलायंस की बैठक
बता दें कि कांग्रेस नेता के इस बयान से पहले, आठ तारीख को इंडिया अलायंस की बैठक हुई थी। इस बैठक की शुरुआत में जब सोनिया गांधी और ममता बनर्जी मिलीं, तो उन्होंने एक-दूसरे को गले लगाया और एक-दूसरे का हाल-चाल जाना। वहीं, बैठक में सभी नेताओं ने अपनी-अपनी बातें रखीं। अब बैठक के अगले ही दिन कांग्रेस नेता के इस तरह के बयान से, ममता बनर्जी को लेकर कांग्रेस के भीतर का असमंजस (कन्फ्यूजन) जगजाहिर हो गया है।